करीब नौ साल की देरी के बाद एनएसई ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का यह आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है, जिसमें मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। क्या कहते हैं विशेषज्ञ, पढ़िए रिपोर्ट-
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई ने वर्षों की नियामकीय देरी के बाद आखिरकार आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट दस्तावेज (डीआरएचपी) दाखिल कर दिए हैं। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा, जिसका अनुमानित आकार 30,000 करोड़ रुपये है।
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यह लिस्टिंग पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगी। इसके तहत मौजूदा शेयरधारक करीब 6 फीसदी हिस्सा बेचने की पेशकश करेंगे। इसमें नई पूंजी नहीं जुटाई जाएगी।
ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एनएसई के पास दो लाख से अधिक निवेशक हैं और गैर-सूचीबद्ध बाजार में इसके शेयर 2,000 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं। इससे एक्सचेंज का मूल्यांकन 57 अरब डॉलर (5,37,681 करोड़ रुपये) होने का अनुमान है, जो इस घरेलू बाजार को लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप के बाद दुनिया का पांचवां सबसे मूल्यवान एक्सचेंज बना देगा।
मर्चेंट बैंकर्स का मानना है कि एनएसई 5-10 फीसदी छूट पर शेयरों की पेशकश कर सकता है। इस लिहाज से आईपीओ का मूल्य 1,900 रुपये प्रति शेयर हो सकता है।
शुरुआती निवेशकों को होगा कई गुना लाभ
कई बड़े संस्थागत निवेशकों ने एनएसई के शेयर बेहद कम दाम पर खरीदे थे। इन शुरुआती शेयरधारकों को एनएसई में हिस्सेदारी बेचने से लगभग 2.6 अरब डॉलर का बंपर मुनाफा होने की उम्मीद है।
सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक एसबीआई के पास 0.80 रुपये प्रति शेयर की भारित औसत लागत पर 7.98 करोड़ शेयर हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा की लागत महज 0.54 रुपये प्रति शेयर है। एसबीआई 2.47 करोड़ और बैंक ऑफ बड़ौदा 1.089 करोड़ शेयरों की पेशकश कर रहा है। एसबीआई को एनएसई के शेयर बेचने से करीब 47 अरब रुपये का मुनाफा होगा।
मॉर्गन स्टैनली का फंड एमएस स्ट्रेटेजिक 29.34 अरब रुपये कमाएगा। सिंगापुर की टेमासेक अपनी अरंडा इन्वेस्टमेंट शाखा के जरिये 20.67 अरब बनाएगी। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड को 18.71 अरब का लाभ होगा।
आईडीबीआई बैंक 74 लाख और आईएफसीआई 34 लाख शेयर बेचेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा की करीब 11 लाख शेयर बेचने की योजना है।
शेयर कहां और कब होगा लिस्ट: हितों के टकराव से बचने के लिए एनएसई के शेयरों की लिस्टिंग उसके प्रतिद्वंदी एक्सचेंज बीएसई के प्लेटफॉर्म पर होगी। इस इश्यू को संभालने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एचएसबीसी, जेपी मॉर्गन, मॉर्गन स्टैनली और एचडीएफसी बैंक सहित 20 दिग्गज बुक रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किए गए हैं। एनएसई अगले दो महीनों में घरेलू एवं वैश्विक रोड-शो शुरू करेगा और दिवाली के आसपास मेगा आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए बाजार में दस्तक दे सकता है।