देश के सबसे बड़े शेयर बाजार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 22,569 करोड़ रुपये के आईपीओ (आईपीओ) में दांव लगाने का आज अंतिम दिन था। बोली लगाने के आखिरी दिन सोमवार को दोपहर 2:35 बजे तक निवेशकों की ओर से इस पब्लिक इश्यू को जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। आंकड़े बताते हैं कि आईपीओ अब तक कुल 3.92 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में यह हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ के बाद दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन गया है, जिसने साल 2022 में आए एलआईसी (एलआईसी) के 21,000 करोड़ रुपये के इश्यू को भी पछाड़ दिया है।
बीएसई (BSE) पर उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, एनएसई आईपीओ में कुल 8.86 करोड़ (8,86,42,911) शेयरों की बिक्री की पेशकश की गई थी, जिसके मुकाबले दोपहर 2:35 बजे तक 34.78 करोड़ (34,78,26,096) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हो चुकी हैं।
पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक पहले दिग्गज संस्थागत निवेशकों ने इसमें भारी विश्वास दिखाया था। एनएसई ने पिछले सप्ताह बुधवार को एंकर निवेशकों से 6,746 करोड़ रुपये जुटाए थे। एंकर राउंड में देश की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एलआईसी (एलआईसी) के अलावा गोल्डमैन सैक्स और फाइडेलिटी जैसे अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों ने हिस्सा लिया। साथ ही जीआईसी सिंगापुर, अबु धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए), नॉर्जीस बैंक, इस्टस्प्रिंग और एचएसबीसी ग्लोबन असेट मैनेजमेंट जैसे प्रमुख सोवरन वेल्थ फंड्स भी एंकर अलॉटमेंट में शामिल रहे।
एक्सचेंज ने इस इश्यू के लिए 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर एनएसई का कुल मूल्यांकन 4.42 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है।
यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) पर आधारित है, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जा रही है। पूरी तरह ओएफएस होने के कारण शेयर बिक्री से मिलने वाली पूरी राशि सीधे मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी और एनएसई को इसमें से कोई फंड प्राप्त नहीं होगा।
प्राइमरी मार्केट में मजबूत मांग के बाद एनएसई के शेयरों की 24 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग होने की उम्मीद है। यह पब्लिक इश्यू नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। एनएसई की लिस्टिंग की योजनाएं पिछले लगभग एक दशक से नियामक अड़चनों और को-लोकेशन विवाद से जुड़े मुद्दों के कारण अटकी हुई थीं। लंबे इंतजार के बाद बाजार में इसकी एंट्री भारतीय पूंजी बाजार के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
संस्थागत और गैर-संस्थागत निवेशकों की मजबूत हिस्सेदारी के चलते एनएसई का आईपीओ सफलतापूर्वक ओवरसब्सक्राइब हो चुका है। लगभग 10 वर्षों के लंबे इंतजार और कानूनी बाधाओं को पार करने के बाद अब पूरी मार्केट की नजरें 24 सितंबर को होने वाली इसकी बाजार लिस्टिंग पर टिकी हैं।