एनपीएस वात्सल्य योजना के कई लाभ
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बच्चों की आर्थिक सुरक्षा के लिए सरकार ने हाल ही में एनपीएस वात्सल्य योजना की शुरुआत की है। इसके तहत, माता-पिता या अभिभावक 18 साल से कम उम्र के बच्चों का न्यूनतम 1,000 रुपये के योगदान से खाता खोल सकते हैं। अधिकतम निवेश की सीमा नहीं है। बच्चे के 18 साल का होने पर यह सामान्य एनपीएस खाते में बदल जाएगा। बच्चे को खाते से पेंशन तभी मिलनी शुरू होगी, जब उसकी उम्र 60 साल हो जाएगी। अगर योजना में हर साल 10,000 रुपये निवेश करते हैं तो यह 60 साल में आपके बच्चे को करोड़पति बना देगा। जानिए, इसमें निवेश और रिटर्न का पूरा गणित।
लंबी अवधि के लिए इक्विटी बेहतर विकल्प : लंबी अवधि के निवेश के लिए एनपीएस वात्सल्य की तुलना में इक्विटी बेहतर विकल्प है। इक्विटी में अधिक रिटर्न मिलने की संभावना है। एक निवेशक के लिहाज से एनपीएस वात्सल्य की खराब बात यह है कि इसमें टैक्स संबंधी लाभ नहीं मिलेगा। पैसा लंबी अवधि के लिए लॉक हो जाता है। इसमें मिलने वाले लाभ पर टैक्स की स्थिति स्पष्ट नहीं है। -बलवंत जैन, निवेश सलाहकार
एनपीएस में औसत रिटर्न
- 50 फीसदी हिस्सा इक्विटी, 30 फीसदी कॉरपोरेट डेट और 20 फीसदी सरकारी प्रतिभूतियों में लगाने पर एनपीएस ने औसतन 11.59 फीसदी का रिटर्न दिया है।
- 75 फीसदी हिस्सा इक्विटी और 25 फीसदी सरकारी प्रतिभूतियों में लगाने पर एनपीएस का औसत रिटर्न 12.86 फीसदी रहा है।
- रिटर्न के आंकड़े 19 जुलाई, 2024 तक के हैं।
- वित्त मंत्री का दावा...राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) ने इक्विटी में 14 फीसदी, कॉरपोरेट डेट में 9.1 फीसदी और सरकारी प्रतिभूतियों में 8.8 फीसदी सालाना रिटर्न दिया है।
सालाना 10,000 के निवेश पर गणित
| रिटर्न की दर (%) |
अवधि (साल) |
अनुमानित फंड (रुपये) |
| 10 |
18 |
5,00,000 |
| 10 |
60 |
2.75 करोड़ |
| 11.59 |
60 |
5.97 करोड़ |
| 12.86 |
60 |
11.05 करोड़ |
(सोर्स : पीआईबी)
ऐसे ऑनलाइन खोल सकते हैं खाता
- eNPS.nsdl.com पर जाएं व एनपीएस वात्सल्य (माइनर) पर क्लिक करें। रजिस्टर नाउ पर क्लिक कर अभिभावक की जानकारी भरें।
- ओटीपी से सत्यापित करें। बच्चे व अभिभावक की जानकारी से जुड़े दस्तावेज अपलोड करें।
- न्यूनतम 1,000 रुपये का निवेश विकल्प चुनें। प्रक्रिया पूरी होने पर स्थायी सेवानिवृत्त खाता संख्या (पीआरएएन) जेनरेट हो जाएगा।
ये दस्तावेज जरूरी
- बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र।
- अभिभावक की केवाईसी।
- पासपोर्ट की स्कैन कॉपी (अप्रवासी भारतीय के लिए)।
- विदेशी पता का प्रमाणपत्र (ओसीआई के लिए)।
- बैंक प्रूफ की स्कैन कॉपी (एनआरआई/ओसीआई के लिए)।
जानिए...कब कितनी कर सकते हैं निकासी
- तीन साल की लॉक-इन अवधि के बाद शिक्षा, कुछ बीमारियों और दिव्यांगता के लिए कुल योगदान का 25 फीसदी रकम निकाल सकते हैं।
- यह निकासी बच्चे के 18 साल के होने के पहले अधिकतम तीन बार हो सकती है।
- फंड 2.50 लाख से अधिक होने पर : 80 फीसदी राशि का इस्तेमाल एन्युटी खरीदने पर होगा। बाकी 20% हिस्सा एकमुश्त निकाल सकते हैं।
- फंड 2.50 लाख या उससे कम होने पर : पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं।
- बच्चे की मृत्यु होने पर पूरी रकम अभिभावक को मिल जाएगी।