प्याज की कीमतों में लगाम लगने के बाद अब खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। सरसों से लेकर के सोयाबीन, मूंगफली के तेल की कीमतों में पिछले एक महीने में काफी इजाफा हो गया है। फिलहाल कीमतें 50 फीसदी तक बढ़ गई हैं। यह बढ़ोतरी फरवरी तक जारी रह सकती है। फिलहाल कीमतों में 12 रुपये से लेकर के 40 रुपये तक इजाफा हुआ है।
विभिन्न ब्रांड के आ रहे तेल, जो पिछले 15 दिन तक पहले जो कम से कम दामों में 85 रुपये प्रति लीटर था, वह अब 110 रुपये प्रति लीटर तक हो गया है। अलग-अलग ब्रांडों के खाद्य तेल 30 रुपये लीटर तक मंहगे हुए हैं।
फिलहाल पाम तेल की कीमत दिल्ली में 105 रुपये प्रति लीटर हो गई है। सरकार द्वारा मलयेशिया से आयात को बंद करने के बाद कीमतों में इजाफा हो रहा है। जानकार मानते हैं कि अगले महीने भी कीमतों में बढ़ोतरी होगी। सरसों की कीमतों में 300 रुपये तो सोयाबीन में 400 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि दर्ज की गई है।
भारत दुनिया में वनस्पति तेल का सबसे बड़ा आयातक है। वह सालाना करीब 1.5 करोड़ टन वनस्पति तेल खरीदता है। इसमें पाम तेल की हिस्सेदारी 90 लाख टन है, जबकि सोयाबीन एवं सनफ्लावर तेल की हिस्सेदारी 60 लाख टन है। सूत्रों ने बताया, ‘भारत 30 फीसदी पाम तेल मलयेशिया से और 70 फीसदी इंडोनेशिया से आयात करता है। मलयेशिया के मुकाबले इंडोनेशिया कहीं ज्यादा पाम तेल का उत्पादन करता है।