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अब क्लेम होगा आसान, लेकिन बढ़ जाएगा स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम

Mon, 22 Jun 2020 04:56 AM IST
श्रीधर मिश्रा कालीचरण, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो - फोटो : PTI
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अब स्वास्थ्य बीमा से जुड़े क्लेम का निपटान आसान हो जाएगा। साथ ही अस्पताल के खर्चों को भी कम करने में मदद मिलेगी। इसके लिए बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के नियमों में संशोधन किया है। यह उस कटौती से जुड़ा है, जो बीमा कंपनियां क्लेम निपटान के दौरान करती हैं। हालांकि, इसके लिए आपको ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है। दरअसल, अस्पताल में भर्ती के दौरान पॉलिसीधारक को कई बार कैशलेस पॉलिसी के बावजूद बिल के कुछ हिस्से का भुगतान करना पड़ता है। ऐसा पॉलिसी में सब-लिमिट के कारण होता है, जो आमतौर पर कमरे के किराये के लिए बीमा राशि का 1% होता  है। अगर पॉलिसीधारक सब-लिमिट के अनुपात में ज्यादा किराये वाले कमरा ले लेता है तो इसका असर दावा राशि पर पड़ता है।

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नया नियम: बीमा कंपनियों को स्पष्ट करने होंगे खर्च

नए नियम के तहत इरडा ने बीमा कंपनियों से कहा है कि वे अस्पताल में इलाज के दौरान खर्चों को अलग-अलग श्रेणी में स्पष्ट करें। मसलन, इलाज, दवाई और जांच में कितना-कितना खर्च होगा। बीमा नियामक ने कहा है कि कंपनियां अगर खर्चों को स्पष्ट नहीं करती हैं तो इलाज के बाद वह इनका हवाला देकर क्लेम में कटौती नहीं कर पाएंगी। नया नियम 1 अक्तूबर, 2020 या उसके बाद खरीदे जाने वाले स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी पर लागू होगा।

बीमा खरीदते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

  • -कुछ स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में सब-लिमिट का प्रावधान नहीं होता है और न ही कमरे के किराये को लेकर कोई पाबंदी रहती है।
  • -दो-तीन कंपनियों के प्रीमियम की पड़ताल कर ही बीमा खरीदें या नवीनीकरण कराएं।
  • -इस बात का भी ध्यान रखें कि जो पॉलिसी आप खरीद रहे हैं, कमरे के किराये को लेकर कोई पाबंदी है या नहीं।
  • -जिस पॉलिसी में कमरे के किराये को लेकर पाबंदी न हो, वही पॉलिसी खरीदें।
  • -क्लेम के समय यह जरूर देखें कि जिस अतिरिक्त राशि का भुगतान आपको करना है, वह पॉलिसी के नियम और शर्तों के अनुरूप है या नहीं।
  • -दवाई, उपभोग सामग्री, प्रत्यारोपण, चिकित्सा उपकरण और जांच को पॉलिसी में कवर किया जा रहा है नहीं...इसका भी ध्यान रखें।

संकट में भी न रोकें प्रीमियम का भुगतान

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कोरोना संकट के कारण नकदी की कमी से जूझ रहे लोगों में इस बात को लेकर उलझन है कि वे लोन की ईएमआई चुकाएं या बीमा प्रीमियम का भुगतान करें। बैंकबाजार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी का कहना है कि पैसे की तंगी के कारण अगर ईएमआई और प्रीमियम भुगतान में किसी एक को चुनना पड़े तो सबसे पहले प्रीमियम चुकाएं। उन्होंने कहा, कोविड-19 संकट के दौरान में अपने और परिवार की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य बीमा और लाइफ कवर सबसे जरूरी है। ऐसे में बीमा प्रीमियम का भुगतान पहले करें।

20 लाख तक की बेहतर स्वास्थ्य बीमा योजनाएं

कोविड-19 संकट के दौर में अपने और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए स्वास्थ्य बीमा खरीदने में तेजी आ रही है। 

प्रदर्शन के आधार पर चुन सकेंगे बेहतर अस्पताल

अस्पतालों की निगरानी के लिए न तो कोई नियामक है और न ही इनके बीच अंतर करने के लिए सेट बेंचमार्क। ऐसे में इरडा का यह कदम स्वागत योग्य है। इससे बड़े पैमाने पर पॉलिसीधारकों को मदद मिलेगी। यह अस्पतालों में मिलने वाली सेवाओं और उनके प्रदर्शन के संबंध में व्यापक डाटाबेस बनाने में मदद करेगा, जिससे मरीजों को जरूरी इलाज के लिए उपयुक्त अस्पताल चुनने में मदद मिलेगी- तपन सिंघल, एमडी-सीईओ बजाज अलियांज जनरल इंश्यो

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