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Adani Row: 9200 कंपनियों में हिस्सेदारी रखने वाले फंड ने अदाणी विवाद पर ये कहा, MSCI ने भी जाहिर की चिंता

Thu, 09 Feb 2023 07:08 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Adani Row: बाजार बंद होते समय गुरुवार को अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर 11.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1922 रुपये के भाव पर कारोबार करते दिखे। अदाणी ट्रांसमिशन, अदाणी टोटल गैस और अदाणी पावर के शेयर 5-5 प्रतिशत तक टूटे।
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अदाणी-एनडीटीवी डील - फोटो : Social Media
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विस्तार
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नॉर्वे के 1.35 ट्रिलियन डॉलर के सॉवरेन वेल्थ फंड ने गुरुवार को कहा कि उसने हाल के कुछ हफ्तों में चुतौतियों से जूझ रही अदाणी समूह से संबंधित कंपनियों में अपनी बची हुई सभी हिस्सेदारी बेच दी है। 2022 के अंत में फंड के पास अदाणी टोटल गैस, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन और अदाणी ग्रीन एनर्जी में हिस्सेदारी थी। फर्म ने  कहा, 'अदाणी की कंपनियों में हमारा कोई एक्सपोजर नहीं बचा है। ईएसजी रिस्क मैनेजमेंट फंड के प्रमुख क्रिस्टोफर राइट ने कहा, "2022 के अंत के बाद हमने अदाणी समूह की कंपनियों में अपना निवेश और कम कर दिया है।"

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उन्होंने कहा, 'हमने कई वर्षों तक (ईएसजी) से जुड़े मुद्दों पर अदाणी समूह की निगरानी की है, ऐसा जोखिमों से निपटने के लिए किया गया। नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड की 2022 के अंत में अदाणी टोटल में 83.6 मिलियन डॉलर की हिस्सेदारी थी, वहीं अडानी पोर्ट्स में फर्म की 63.4 मिलियन डॉलर और अदाणी ग्रीन एनर्जी में 52.7 मिलियन डॉलर की हिस्सेदारी थी।

केंद्रीय बैंक की एक इकाई की ओर से प्रबंधित इस कोष के पास वैश्विक स्तर पर सूचीबद्ध सभी शेयरों में 1.3 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस फर्म की करीब 9,200 कंपनियों में हिस्सेदारी है। बीते 31 जनवरी को नॉर्वे के 1.3 ट्रिलियन डॉलर के तेल फंड के सीईओ ने कहा था कि दुनिया का सबसे बड़ा संप्रभु सोवेरन फंड अदाणी समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी कम कर रहा है, क्योंकि बंदरगाह से पावर सेक्टर तक में जांच जमा चुका अदाणी समूह फिलहाल जटिल स्थिति में है। 
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उन्होंने कहा था "हमने कुछ (अदाणी कंपनियों) में अपनी हिस्सेदारी बेच दी है और कुछ अन्य में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। निकोलाई टैंगेन ने ब्रिटेन के एक मीडिया हाउस को बताया, "हमारे पास अदाणी समूह में बहुत-बहुत कम एक्सपोजर है, यह उससे भी कम है जितने की आम उम्मीद करते होंगे।"

# बीते कुछ दिनों में अदाणी समूह के शेयरों में दिखी है उठा-पटक

अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से  24 जनवरी को आई एक रिपोर्ट के के बाद अदाणी समूह के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव का दिखा है। बाजार में समूह के शेयरों में कमजोरी के बाद ग्रुप के मुखिया गौतम अदाणी की संपत्ति में अचानक और नाटकीय गिरावट दर्ज की गई है।

टैंगेन ने कहा था कि तेल कोष ने संभावित भ्रष्टाचार, पर्यावरणीय क्षति और मानवाधिकारों के हनन जैसे जोखिमों को देखते हुए अदाणी समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी कम की गई है। उन्होने कहा "यह एक जटिल स्थिति है। हमारे पास एक अलग विभाग है जो जोखिम-आधारित विनिवेश से जुड़ा काम देखता है। हम बहुत पहले से सजग थे।"

औसतन किसी शेयर में 1.3 फीसदी शेयर रखने वाले इस ऑयल फंड के पास 2022 के अंत तक अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन में 0.3 फीसदी, अदाणी टोटल गैस में 0.17 फीसदी और अदाणी ग्रीन एनर्जी में 0.14 फीसदी हिस्सेदारी थी।

# वित्तीय सूचकांक प्रदाता एमएससीआई ने कहा- निवेशकों के बीच पर्याप्त अनिश्चतता है

वहीं दूसरी ओर, वित्तीय सूचकांक प्रदाता एमएससीआई ने गुरुवार को कहा कि अदाणी समूह की कुछ प्रतिभूतियों को अब फ्री फ्लोट के रूप में नामित नहीं किया जाना चाहिए। एमएससीआई ने कहा है कि बाजार प्रतिभागियों ने अपने कुछ सूचकांकों के लिए भारतीय समूह की कंपनियों की पात्रता पर चिंता व्यक्त की है।

एमएससीआई के अनुसार निवेशकों के बीच समूह की विशेषताओं के मसले पर पर्याप्त अनिश्चितता है। ऐसे में समूह के कुछ शेयरों को अब फ्री फ्लोट के रूप में नामित नहीं किया जाना चाहिए। एमएससीआई ने ऐसी धारणा के बाद अदाणी समूह की प्रतिभूतियों की फ्री फ्लोट समीक्षा शुरू कर दी है।

एमएससीआई ग्लोबल इन्वेस्टेबल मार्केट इंडेक्स से जुड़ी अदाणी प्रतिभूतियों के लिए बदलाव की घोषणा नियमित समीक्षा के हिस्से के रूप में करेगी। एमएससीआई किसी शेयर के बाजार में मुक्त फ्लोट को बकाया शेयरों के अनुपात के रूप में परिभाषित करता है। इन शेयरों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों के खरीदने के लिए उपलब्ध माना जाता है।
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# MSCI के बयान पर हिंडनबर्ग के मुखिया नाथन एंडरसन ने ट्वीट कर दी प्रतिक्रिया

एमएससीआई के बयान के जवाब में हिंडनबर्ग के संस्थापक नाथन एंडरसन ने ट्विटर पर लिखा, ''हम इस घटनाक्रम को अपने निष्कर्षों की पुष्टि के तौर पर देखते हैं।" अदाणी की कुछ कंपनियों के शेयरों में इस सप्ताह तेजी आई थी लेकिन एमएससीआई की घोषणा के बाद गुरुवार को अदाणी समूह के शेयरों में फिर गिरावट दिखी। गुरुवार (9 फरवरी) को अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर शुरुआती कारोबार में 20 फीसदी तक कमजोर हुए।

गुरुवार को बाजार बंद होते समय अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर 11.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1922 रुपये के भाव पर कारोबार करते दिखे। अदाणी ट्रांसमिशन, अदाणी टोटल गैस और अदाणी पावर के शेयर 5-5 प्रतिशत तक टूटे। वहीं, अदाणी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन में करीब 2.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
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