Crisil Report: प्रतिस्पर्धा बैंकों के कम ब्याज दर वाले गृह ऋणों में मजबूत वृद्धि से साफ है कि 9 प्रतिशत से कम ब्याज दर वाले पोर्टफोलियो का हिस्सा पिछले साल के 45 प्रतिशत से बढ़कर 31 मार्च, 2025 तक 60 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इससे जुड़ी रिपोर्ट में और क्या सामने आया, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
बाजार में सरकारी बैंकों की आक्रामक भूमिका के कारण गैर-बैंक ऋणदाताओं का ऋण वृद्धि वित्त वर्ष 2026 में धीमा पड़ने की आशंका है। बुधवार को आई एक एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया। क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुकूल परिस्थितियों के बावजूद गैर-बैंक ऋणदाताओं की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में 12-13 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, यह पिछले वित्त वर्ष की 14 प्रतिशत की वृद्धि से कम है।
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रिपोर्ट कके अनुसार गैर-बैंक ऋणदाताओं के सामने आने वाली चुनौतियों में बैंकों से "तीव्र प्रतिस्पर्धा" शामिल है। आवास सेगमेंट के ऋण पर यह प्रतिस्पर्धा हावी है। एजेंसी की निदेशक सुभा नारायणन ने कहा, "सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पिछले वित्त वर्ष और इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में प्रमुख-केंद्रित आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को पीछे छोड़ दिया है।" नारायणन ने कहा कि मूल्य निर्धारण में प्रतिस्पर्धा बैंकों के कम ब्याज दर वाले गृह ऋणों में मजबूत वृद्धि दिखी है। 9 प्रतिशत से कम ब्याज दर वाले पोर्टफोलियो का हिस्सा पिछले साल के 45 प्रतिशत से बढ़कर 31 मार्च, 2025 तक 60 प्रतिशत से अधिक हो गया है। नारायणन ने कहा, "कई बड़ी एचएफसी को बैलेंस ट्रांसफर के मामलों में ग्राहकों की बढ़ती संख्या का सामना करना पड़ रहा है।"
क्रिसिल ने कहा कि गैर-बैंक ऋणदाताओं के लिए प्रबंधन के तहत बंधक परिसंपत्तियों में होमलोन सबसे बड़ा खंड है, जो कुल मिलाकर 59 प्रतिशत का योगदान देता है। हाल ही में कुछ ऋणदाताओं ने आवास ऋण बाजार में प्रतिस्पर्धा, विशेष रूप से सरकारी ऋणदाताओं द्वारा दी जा रही "अतार्किक" दरों पर चिंता जताई है। यह आवास ऋण की धीमी वृद्धि के लिए बहुत हद तक जिम्मेदार है।
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रेटिंग एजेंसी ने कहा कि विकास धीमा पड़ रहा है लेकिन गृह ऋण क्षेत्र के लिए संरचनात्मक कारक स्थिर बने हुए हैं। इसके अलावे आयकर स्लैब में संशोधन और जीएसटी को युक्तिसंगत बनाना भी प्रमुख कारक है। एजेंसी ने कहा कि संपत्ति के बदले ऋण के मामले में एयूएम वृद्धि वित्त वर्ष 2025 में 32 प्रतिशत से घटकर 27-29 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। नारायणन ने कहा, "कई बड़ी एचएफसी को बैलेंस ट्रांसफर के मामलों में ग्राहकों की बढ़ती संख्या का सामना करना पड़ रहा है।"