तुलनात्मक लाभ और कई सहायक कारकों के कारण इस दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था चीन सहित पूरे दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में सबसे तेजी से बढ़ेगी। ब्रोकरेज हाउस नोमुरा को उम्मीद है कि भारत वित्त वर्ष 2023 से 2030 के बीच लगभग 6.6 प्रतिशत की दर से विकास करेगा। यह वित्त वर्ष 2010 के बाद सबसे तेज वृद्धि होगी।
...लेकिन ये है भारत के लिए चिंता का विषय
रिपोर्ट में कहा गया है, समय पर परियोजनाओं को पूरा करना चिंता का विषय बना हुआ है। इससे लागत में वृद्धि हो रही है। देरी के प्रमुख कारणों में भूमि अधिग्रहण, वन और पर्यावरण मंजूरी मिलने और बुनियादी ढांचे के समर्थन है।
ये हैं भारत की तेजी के कारण
नोमुरा का कहना है कि स्थिर राजनीतिक व्यवस्था, सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने, कर प्रशासन का सरलीकरण, पीएलआई योजनाओं जैसे विभिन्न कारकों से भारत अगले दशक में तेजी से बढ़ेगा। बैंकों ने अपने खाता बही से भी बुरे फंसे कर्जों को हटा दिया है, जिससे ये अब तेजी से कर्ज दे रहे हैं।
भारी-भरकम खर्च और निवेश का फायदा
मध्यम अवधि में भारत, इंडोनेशिया और फिलीपीन के बुनियादी ढांचे के खर्च में तेजी आएगी। भारत सरकार ने हालिया बजट में 10 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निवेश खर्च का आवंटन किया है। सरकार ने निवेश खर्च को जीडीपी के 3.3 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। यह महामारी के पहले 1.7 प्रतिशत था।