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नोमुरा की रिपोर्ट: चीन सहित दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में इस दशक में सबसे तेज बढ़ेगा भारत, एशिया को होगा लाभ

Tue, 06 Jun 2023 06:11 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

कोविड की शुरुआत के बाद से दुनिया की अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में पहले से ही तेज गति से बढ़ने के बाद भारत का समय अब चीन को पीछे छोड़ने का है। समय के साथ जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और सिंगापुर को चीन ने पीछे छोड़ा था।
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भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तुलनात्मक लाभ और कई सहायक कारकों के कारण इस दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था चीन सहित पूरे दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में सबसे तेजी से बढ़ेगी। ब्रोकरेज हाउस नोमुरा को उम्मीद है कि भारत वित्त वर्ष 2023 से 2030 के बीच लगभग 6.6 प्रतिशत की दर से विकास करेगा। यह वित्त वर्ष 2010 के बाद सबसे तेज वृद्धि होगी।

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कोविड की शुरुआत के बाद से दुनिया की अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में पहले से ही तेज गति से बढ़ने के बाद भारत का समय अब चीन को पीछे छोड़ने का है। समय के साथ जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और सिंगापुर को चीन ने पीछे छोड़ा था। उसी तर्ज पर अब भारत चीन को पीछे छोड़ने की तैयारी में है। नोमुरा के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि चीन ने अपने कम लागत वाले तुलनात्मक लाभ को खो दिया है।

दुनिया भर की कंपनियां चीन पर निर्भरता कम कर दूसरे देशों में जा रही हैं। यह भारत, इंडोनेशिया और फिलीपीन जैसे अन्य दक्षिण पूर्व एशियाई देश हैं जो एशिया के नए उड़ान के रूप में उभर रहे हैं। आसियान में परिचालन का विस्तार करने की इच्छुक कंपनियां लगातार दूसरे वर्ष बढ़ी हैं। इसमें से आधे से अधिक कंपनियां एक से दो वर्षों के भीतर भारत और वियतनाम में परिचालन बढ़ाने वाली हैं।
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एशिया को होगा सर्वाधिक लाभ
नोमुरा ने रिपोर्ट में कहा, 3-5 साल में इस प्रक्रिया में तेजी आनी चाहिए। भारत और आसियान के नेतृत्व में एशिया को सबसे अधिक लाभ की संभावना है।

  • हाल के वर्षों में भारत के संरचनात्मक सुधार और भारी-भरकम खर्च एवं निवेश से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि मध्यम अवधि में लगभग 6.6 प्रतिशत रहेगी। इससे कमजोर रुपये को भी मजबूत होने में मदद मिलेगी।

...लेकिन ये है भारत के लिए चिंता का विषय
रिपोर्ट में कहा गया है, समय पर परियोजनाओं को पूरा करना चिंता का विषय बना हुआ है। इससे लागत में वृद्धि हो रही है। देरी के प्रमुख कारणों में भूमि अधिग्रहण, वन और पर्यावरण मंजूरी मिलने और बुनियादी ढांचे के समर्थन है।

  • अन्य कारणों में परियोजना वित्तपोषण के लिए गठजोड़ में देरी, कार्यक्षेत्र में बदलाव, निविदा और उपकरण आपूर्ति के साथ कानून व्यवस्था भी है। अप्रैल 2023 तक 1,605 परियोजनाओं में से 800 में देरी हुई।


ये हैं भारत की तेजी के कारण
नोमुरा का कहना है कि स्थिर राजनीतिक व्यवस्था, सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने, कर प्रशासन का सरलीकरण, पीएलआई योजनाओं जैसे विभिन्न कारकों से भारत अगले दशक में तेजी से बढ़ेगा। बैंकों ने अपने खाता बही से भी बुरे फंसे कर्जों को हटा दिया है, जिससे ये अब तेजी से कर्ज दे रहे हैं।

भारी-भरकम खर्च और निवेश का फायदा
मध्यम अवधि में भारत, इंडोनेशिया और फिलीपीन के बुनियादी ढांचे के खर्च में तेजी आएगी। भारत सरकार ने हालिया बजट में 10 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निवेश खर्च का आवंटन किया है। सरकार ने निवेश खर्च को जीडीपी के 3.3 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। यह महामारी के पहले 1.7 प्रतिशत था।

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