भारत में नवीकरणीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए बनी नोडल एजेंसी एसईसीआई (सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक आरपी गुप्ता ने गुरुवार को बताया कि अदाणी मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए एजेंसी का नाम नहीं लिया गया है।
अरबपति गौतम अदाणी पर अमेरिकी अभियोजकों ने सौर ऊर्जा अनुबंधों के लिए अनुकूल शर्तों के बदले भारतीय अधिकारियों को 265 मिलियन अमरीकी डॉलर (लगभग 2,200 करोड़ रुपये) की रिश्वत देने की योजना का कथित रूप से हिस्सा होने का आरोप लगाया है।
अदाणी मामले से जुड़े घटनाक्रम पर पीटीआई-भाषा के सवालों का जवाब देते हुए गुप्ता ने कहा, ‘‘एसईसीआई के खिलाफ ऐसा कुछ नहीं है कि एसईसीआई ने कुछ गलत किया है। ऐसा कहीं नहीं है। एसईसीआई की ओर से किसी गलत काम या अनियमितता का कोई उल्लेख नहीं है।’’
अमेरिकी अभियोजकों के दस्तावेज़ के अनुसार, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसईसीआई), जिसने मूल रूप से सौर विनिर्माण से जुड़ी बिजली निविदा प्रदान की थी, ने जुलाई 2021 और दिसंबर 2021 के बीच आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु के साथ बिक्री समझौते किए। अभियोग में नई दिल्ली स्थित एज्योर पावर का भी नाम है, जिसने 4 गीगावाट की आपूर्ति के लिए इसी प्रकार का टेंडर जीता था।
लेकिन जब एज्योर, महंगी बिजली खरीदने के लिए राज्यों को दी जाने वाली रिश्वत की राशि का एक तिहाई हिस्सा नहीं दे सका, तो अडानी ने फर्म को अपने अनुबंध का कुछ हिस्सा छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया, जिसे बाद में एसईसीआई के माध्यम से अदाणी ने अपने हाथ में ले लिया। भविष्य की कार्रवाई की योजना के बारे में गुप्ता ने कहा, "हमारे खिलाफ कोई आरोप नहीं है। यह केवल राज्य सरकारों के खिलाफ है... इसलिए जिनके खिलाफ आरोप हैं, उन्हें ही कोई कार्रवाई करनी है।"
गुप्ता गुजरात कैडर के 1987 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। वे 15 जून, 2023 को एसईसीआई के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक (CMD) के रूप में शामिल हुए। एसईसीआई में शामिल होने से पहले उन्होंने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया।