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Financial Tips: मुश्किल वक्त में नहीं होगी वित्तीय समस्या, ये पांच नियम बना सकते हैं सशक्त

Mon, 12 May 2025 03:22 AM IST
बशु जैन कालीचरण

सार

मुश्किल दौर में अपने और परिवार की रोजमर्रा की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए आपके पास पर्याप्त फंड होना चाहिए। नौकरी जाने और कोई बीमारी होने जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आपका वित्तीय रूप से सशक्त होना जरूरी है, जिसके लिए इन पांच नियमों का पालन कर सकते हैं।
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वित्तीय प्रबंधन (सांकेतिक फोटो) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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साल-दर-साल बढ़ती महंगाई, बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता और नौकरियों पर संकट के मौजूदा दौर में वित्तीय प्रबंधन की अहमियत काफी बढ़ जाती है। मुश्किल दौर में अपने और परिवार की रोजमर्रा की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए आपके पास पर्याप्त फंड होना चाहिए। नौकरी जाने और कोई बीमारी होने जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आपका वित्तीय रूप से सशक्त होना जरूरी है, जिसके लिए इन पांच नियमों का पालन कर सकते हैं।
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70 का नियम
इस नियम के जरिये आप पता लगा सकते हैं कि लगातार बढ़ रही महंगाई की वजह से आपके निवेश की रकम कितने साल में आधी हो जाएगी। इसके लिए 70 में मौजूदा महंगाई दर से भाग दें।
उदाहरण : अगर मौजूदा महंगाई दर 5 फीसदी है तो इससे 70 में भाग देने पर 14 आएगा। यानी महंगाई दर को देखते हुए अगर अपना निवेश नहीं बढ़ाते हैं तो 14 साल में आपका निवेश आधा हो जाएगा।  
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40 फीसदी ईएमआई
अपनी मासिक आय का 40 फीसदी ही ईएमआई पर खर्च करें। वित्तीय कंपनियां कर्ज देने के लिए इस नियम का उपयोग करती हैं, लेकिन आप भी इसकी मदद से अपनी वित्तीय स्थिति का प्रबंधन कर सकते हैं।
उदाहरण : मान लीजिए, आपकी कुल मासिक कमाई 60,000 रुपये है तो ईएमआई पर अधिक-से-अधिक 24,000 रुपये तक ही खर्च करें।

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72 का नियम
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका पैसा कितने साल में दोगुना हो जाएगा, तो इसके लिए निवेश पर मिल रहे मौजूदा ब्याज दर से 72 में भाग दें।
उदाहरण : अगर आपको निवेश पर 12 फीसदी का ब्याज मिल रहा है तो इससे 72 में भाग देने पर 6 बचेगा। यानी 12 फीसदी ब्याज दर पर आपका पैसा 6 साल में दोगुना हो जाएगा। अगर ब्याज दर 9 फीसदी है तो 8 साल में आपकी रकम दोगुनी होगी।

सेवानिवृत्ति के बाद के लिए 4% का नियम
सेवानिवृत्ति के बाद अगर वित्तीय रूप से आजाद होना चाहते हैं तो आपके पास सालाना खर्चे का 25 गुना तक फंड होना चाहिए।
उदाहरण : 50 साल की उम्र के बाद अगर सालाना खर्च 6 लाख रुपये है और आप स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेना चाहते हैं तो आपके पास 1.50 करोड़ रुपये का फंड होना चाहिए। इसका आधा हिस्सा यानी 50 फीसदी राशि निश्चित रिटर्न वाली योजनाओं में निवेश करें और आधी रकम इक्विटी में डालें।
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जीवन बीमा नियम
जीवन बीमा का सम एश्योर्ड यानी कुल बीमित राशि आपकी सालाना आय का 20 गुना होनी चाहिए।  
उदाहरण : अगर आपकी सालाना कमाई पांच लाख रुपये है तो आपको कम-से-कम एक करोड़ रुपये का जीवन बीमा अवश्य कराना चाहिए।  

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आपातकालीन फंड बना रहें चिंतामुक्त
बीमारी और नौकरी जाने जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन फंड जरूर बनाएं। यह फंड आपकी कुल मासिक आय का कम-से-कम 3 गुना होना चाहिए। मुश्किल हालात में और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए आप चाहें तो अपनी कुल मासिक कमाई का करीब 6 फीसदी तक आपात फंड में जमा कर सकते हैं।  -स्वीटी मनोज जैन, निवेश एवं कर सलाहकार
 
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