कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए पीएफ खातों की सुरक्षा सख्त कर दी है। इसके तहत खाताधारक अब ऑनलाइन माध्यम से बड़े बदलाव नहीं कर सकेंगे। उन्हें न तो नाम बदलने की अनुमति होगी और न ही प्रोफाइल में बदलाव कर सकेंगे। दरअसल, केवाईसी के नाम पर धोखाधड़ी कर पीएफ खातों से पैसे निकालने के कई मामले सामने आए हैं।
प्रूफ देने के बाद नाम में बदलाव संभव
विशेष परिस्थितियों में पीएफ खातों में नाम, जन्मदिन, नॉमनी, पता, पिता या पति के नाम में बड़े बदलाव नियोक्ता अंशधारकों के कागजी दस्तावेज देखने के बाद होंगे। केवाईसी में ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम में बदलाव को तभी जायज माना जाएगा। अगर संस्था बंद हो चुकी है तो सैलरी स्लिप, अप्वाइंटमेंट लेटर और पीएफ स्लिप दिखाना होगा।
ऑडिट में इस्तेमाल होंगे दस्तावेज
क्षेत्रीय कार्यालय को ऑडिट के समय सभी का कागज उपलब्ध कराने होंगे। हर हिस्से पर दो से तीन बार जांच होगी। इसके बाद ही केवाईसी में बदलाव मंजूर किया जाएगा। - अतुल गर्ग, चार्टर्ड अकाउंटेंट