फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीति आयोग की रिपोर्ट: सरकारी कंपनियों के IPO से 2030 तक 20 अरब डॉलर जुटाएगा केंद्र, निजीकरण की योजना टाली

Wed, 25 Feb 2026 05:12 AM IST
लव गौर अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी

सार

सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अगले चार वर्षों में सरकारी संपत्तियों का मौद्रिकरण कर 183.7 अरब डॉलर जुटाने के प्रयास का हिस्सा होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे, बिजली, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, विमानन और कोयला क्षेत्रों की कंपनियों के आईपीओ आएंगे।
विज्ञापन
नीति आयोग (फाइल फोटो)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में आईपीओ के जरिये हिस्सा बेचकर 2029-30 तक 1.79 लाख करोड़ रुपये (20 अरब डॉलर) जुटाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, कंपनियों के पूरी तरह से निजीकरण की योजना को टाल दिया गया है। सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अगले चार वर्षों में सरकारी संपत्तियों का मौद्रिकरण कर 183.7 अरब डॉलर जुटाने के प्रयास का हिस्सा होंगे।
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे, बिजली, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, विमानन और कोयला क्षेत्रों की कंपनियों के आईपीओ आएंगे। ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिसंपत्ति मौद्रिकरण के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसके जरिये 2029-30 तक कुल 16.72 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। दरअसल, कंपनियों में कम हिस्सेदारी की बिक्री और निजीकरण सरकार की बजट घाटे को कम करने की योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हालांकि, सरकार ने 2024 के बाद विनिवेश के लिए विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित करना बंद कर दिया है।

पहले पूंजी जुटाने में होती थी मुश्किल
केंद्र सरकार को पहले सरकारी कंपनियों के पूर्ण निजीकरण के माध्यम से धन जुटाने में कठिनाई होती थी और हाल ही में उसने पुनर्निवेश के लिए पूंजी जुटाने हेतु इन कंपनियों की परिसंपत्तियों और सहायक कंपनियों के मुद्रीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है।
विज्ञापन


रेलवे कंपनियों से 837 अरब जुटाने की तैयारी
सरकार का लक्ष्य आईपीओ के जरिये सात रेलवे कंपनियों में हिस्सा बेचना है, जिससे 2030 तक संभावित रूप से 837 अरब रुपये मिल सकते हैं। हालांकि, रिपोर्ट में कंपनियों के नाम नहीं बताए गए हैं। सरकार का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष 2026-27 में शेयर बाजार में लिस्टिंग के माध्यम से 170 अरब रुपये जुटाना है। 2027-28 में गेल (इंडिया) की सहायक कंपनी गेल गैस को सूचीबद्ध करने की योजना है। इससे 31 अरब रुपये जुटाए जा सकेंगे।

बिजली-कोयला कंपनियों के साथ चार हवाईअड्डों में भी हिस्सा बेचगी सरकार
केंद्र ने चार वर्षों में सरकारी बिजली कंपनियों की सहायक इकाइयों को सूचीबद्ध कर 310 अरब जुटाने की भी योजना बनाई है। कोल इंडिया की सहायक कंपनियों और एनएलसी इंडिया की नवीकरणीय ऊर्जा संपत्तियों के आईपीओ से 483 अरब रुपये जुटाने की भी योजना है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अपनी एक सहायक कंपनी और निजी साझेदारों के साथ संयुक्त उद्यम स्वामित्व वाले चार हवाईअड्डों में अपनी हिस्सेदारी बेचेगा।

ये भी पढ़ें: नीति आयोग की रिपोर्ट: संपत्ति मौद्रीकरण से 10 साल में 40 लाख करोड़ बढ़ेगी GDP, निजी क्षेत्र की बढ़ेगी भागीदारी
विज्ञापन


योजना से कम होगा सरकार पर बोझ
संपत्ति मौद्रिकरण से जुटाई गई राशि कंपनियों को पुनर्निवेश के लिए दी जाती है। साथ ही, इन कंपनियों के पुनर्पूंजीकरण के लिए सरकारी वित्त पर पड़ने वाला बोझ कम हो सकता है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें