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भारत बनेगा वैश्विक निवेश का ध्रुव: नीति आयोग के सीईओ बोले- जल्द मिलेगी अमेरिका से व्यापार समझौते की खुशखबरी

Sat, 08 Nov 2025 06:19 AM IST
शुभम कुमार बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।

सार

नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि इस माह के अंत तक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (बीटीए) पर सकारात्मक खबरें मिलेंगी। उन्होंने बताया कि अमेरिकी कंपनियां भारत में तेजी से वैश्विक क्षमता केंद्र खोल रही हैं। दुनिया की सुस्त अर्थव्यवस्था के बीच भारत नवाचार, आकार और बाजार के कारण सबसे उज्ज्वल केंद्र बना हुआ है।

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नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने विश्वास जताया कि इस माह के अंत तक अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर सकारात्मक खबरें आएंगी। अमेरिका के साथ हालात थोड़े मुश्किल रहे हैं। इसे फिर से पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। व्यापार वार्ताएं चल रही हैं। सीईओ ने कहा, भारत लगातार विदेशी निवेश आकर्षित कर रहा है। अमेरिकी कंपनियां भारत में वैश्विक क्षमता केंद्र खोल रही हैं। इसका मतलब भारत का मूल आकर्षण बाकी सब चीजों पर भारी पड़ेगा।

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उनकी यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका भारत पर रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करने का दबाव बना रहा है। अमेरिकी टैरिफ से व्यापार संबंधी चिंताओं के मद्देनजर दुनिया उतार-चढ़ाव से गुजर रही है, जहां व्यापार स्थिर है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश स्थिर या घट रहा है।

सुब्रह्मण्यम ने कहा कि दुनिया उस दिशा में बढ़ रही है जहां कम विकास दर एक सामान्य बात है। और इस सब में भारत अलग उदाहरण है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में सबसे उज्ज्वल स्थान है, और यही इसे महत्वपूर्ण बनाता है। भारत उज्ज्वल है क्योंकि इसका आकार व बाजार बड़ा है। इसमें नवोन्मेषी प्रतिभाएं हैं। भारत ऐसा ध्रुव होगा जो बाकी को आकर्षित करेगा। इसलिए हमें चुनाव करने के लिए मजबूर होने के बजाय दूसरे लोग भारत की ओर रुख करने के लिए बाध्य होंगे। 
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अमेरिका का पक्ष न ले भारत
सीईओ ने कहा, भारत बेहतर स्थिति में है। इसलिए जरूरी नहीं है कि भारत अमेरिका और ब्रिक्स के बीच किसी एक का पक्ष ले। लोग भारत के साथ तालमेल बिठाने के लिए अपनी राह खुद तय करेंगे। हम बहुत अच्छा कर रहे हैं। आपको थोड़े ज्यादा अशांत समय में रहना पड़े, चाहे वह युद्ध हो, अर्थव्यवस्था हो, टैरिफ हो, तो आंतरिक शक्तियों का निर्माण करें। भारत जितना ज्यादा अपनी आंतरिक शक्ति का निर्माण करेगा, दुनिया उतनी ही ज्यादा हमारी ओर सकारात्मक दृष्टि से देखेगी।

इस महीने तक लागू होगा मिशन
सुब्रह्मण्यम ने कहा, बजट में घोषित सबसे बड़ा सुधार राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन नवंबर के अंत तक लागू हो जाएगा। राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन भारत के विनिर्माण परिदृश्य को बदलने वाला है। यह बहुत ही अलग दृष्टिकोण होगा। दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हैं, इसलिए हम चीन के साथ आर्थिक संबंध स्थापित करेंगे। चीन विश्व जीडीपी का 20 फीसदी है, तो आप इसको बंद नहीं कर सकते। यह हकीकत है। अपनी विकसित क्षमताओं के कारण वे अब भी भारत के लिए बड़ा आयात स्रोत बने हुए हैं।

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