विवादों में घिरे उद्योगपति कार्लोस घोसन जापान से भागने के बाद बुधवार को पहली बार यहां एक संवाददाता सम्मेलन में सामने आये। घोसन ने बताया कि जापान में चल रहे मुकदमे के बीच में वह क्यों भागे। उन्होंने कहा कि उन्हें दोषी मान लिया गया था और इस कारण उनके पास भागने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें हिरासत में लिये जाने के बाद दोस्तों व परिजनों से मिलने नहीं दिया जा रहा था।
लोगों को इस बात की उम्मीद थी कि घोसन जापान से नाटकीय तरीके से गायब होने पर कुछ प्रकाश डालेंगे। हालांकि उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘मैं यहां इस बारे में बातें करने के लिये नहीं हूं कि मैं कैसे भागा।’
एक वक्तव्य जारी कर 65-वर्षीय घोसन ने कहा कि "अब वो कभी भी जापान की पक्षपातपूर्ण न्यायिक व्यवस्था के कैदी बन कर नहीं रहेंगे, जहां दोष को बस मान किया जाता है, जहां अनियंत्रित भेदभाव है और जहां मूल मानवाधिकारों से वंचित रखा जाता है।" उन्होंने यह भी कहा, "मैं न्याय से भागा नहीं हूं। मैं अन्याय और राजनीतिक उत्पीड़न से बच कर निकल गया हूं।"
जापान की मीडिया के अनुसार, घोसन एक बक्से में छिपकर प्राइवेट जेट से ओसाका से इस्ताम्बुल गये। वहां से वह 30 दिसंबर को बेरूत पहुंचे।