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म्यूजिक बॉक्स में बंद होकर जापान से ऐसे भाग निकले निसान के पूर्व चीफ कार्लोस घोसन

Wed, 01 Jan 2020 02:48 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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जापानी कार निर्माता कंपनी निसान और रेनॉ के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्लोस घोसन बिना पासपोर्ट के एक म्यूजिक बॉक्स में छुपकर चुपके से लेबनान पहुंच चुके हैं। घोसन के जापान से भाग निकलने से पूरे देश में इस वक्त अफरातफरी मची हुई है। हालांकि कार्लोस घोसन की जापान सरकार ने काफी घेराबंदी कर रखी थी, जिसमें वीडियो सर्विलांस के अलावा घर के बाहर काफी सुरक्षा गार्ड्स भी खड़े थे। 

जापानी न्याय व्यवस्था निष्पक्ष नहीं

कार्लोस के पास तीन देशों के पासपोर्ट थे। फ्रांस, लेबनान और ब्राजील की नागरिकता हासिल किए घोन के तीनों पासपोर्ट को जापान की सरकार ने जब्त कर लिया था। उनका कहना है कि उन्होंने वो देश इसलिए छोड़ दिया क्योंकि जापान की न्याय व्यवस्था निष्पक्ष नहीं है और वहां उनके  साथ अन्याय हो रहा था। 

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एक वक्तव्य जारी कर 65-वर्षीय घोसन ने कहा कि "अब वो कभी भी जापान की पक्षपातपूर्ण न्यायिक व्यवस्था के कैदी बन कर नहीं रहेंगे, जहां दोष को बस मान किया जाता है, जहां अनियंत्रित भेदभाव है और जहां मूल मानवाधिकारों से वंचित रखा जाता है।" उन्होंने यह भी कहा, "मैं न्याय से भागा नहीं हूं। मैं अन्याय और राजनीतिक उत्पीड़न से बच कर निकल गया हूं।" गोन ने यह भी भरोसा दिलाया कि वे अगले हफ्ते से मीडिया से बात करना शुरू कर देंगे। 

जमानत की शर्तो में था जापान नहीं छोड़ना

ब्लूमबर्ग के हवाले से इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि घोसन के खिलाफ सुनवाई अभी शुरू होनी थी और देश ना छोड़ना उनकी जमानत की शर्तों में था। उन्हें नवंबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था। लेबनान के सरकारी टीवी स्टेशन एमटीवी ने लिखा है कि घोसन एक बड़े से म्यूजिकल बॉक्स में छिपकर के टोक्यो से बाहर निकले।

घोसन ने क्रिसमस के अवसर पर एक म्यूजिक बैंड को अपने जापान के घर में बुलाया था। घोसन को इस तरह से निकालने की योजना काफी लंबे समय से बन रही थी, और इसमें उनकी पत्नी कैरोल का बड़ा हाथ था। इसके अलावा उनके भाईयों और तुर्की में मौजूद अपने साथियों की मदद ली। 

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जापानी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि घोसन एक अन्य नाम से बेरुत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिखे। उन्होंने प्राइवेट जेट का इस्तेमाल किया था। वहीं, जापान की इमिग्रेशन अथॉरिटी के पास घोसन के देश छोड़ने की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने जापान के छोटे से हवाई अड्डे का इस्तेमाल किया ताकि लोग उनको पहचान न सकें। 

गार्जियन के अनुसार लेबनान के अधिकारियों को वहां के नेताओं से आदेश मिला था कि वो घोसन के देश में आने की बेरूत हवाईअड्डे पर इमिग्रेशन जांच न करें। लेबनान में कई लोग घोसन को अपने देश के बड़े प्रवासी समुदाय के प्रतीक के रूप में और लेबनान की उद्यम संबंधी प्रतिभा के एक उत्तम उदाहरण के रूप में देखते हैं और उन्हें घोसन की गिरफ्तारी से धक्का लगा है।

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