मोदी-2.0 सरकार का पहला आम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को पेश करेंगी। वित्त मंत्रालय ने बजट को पेश करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस सिलसिले में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 जून से 23 जून के बीच अर्थशास्त्रियों, बैंक अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग मंडलों से मुलाकात करने वाली हैं।
इसके साथ ही वित्त मंत्री ने सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों से भी सुझाव मांगे हैं। 20 जून को जीएसटी परिषद की होने वाली बैठक में राज्यों के वित्त मंत्री बजट को लेकर अपने सुझाव दे सकते हैं।
सिर्फ अर्थशास्त्री, बैंक अधिकारी, वित्तीय संस्थान या उद्योग मंडल ही नहीं, बल्कि वित्त मंत्री ने जनता से भी सुझाव मांगे हैं। सरकार का कहना है कि यह प्रक्रिया बजट में आम जनता की ज्यादा भागीदारी और उसकी इच्छाओं का समावेश करने के लिए अपनाई जा रही है। सूत्रों ने कहा कि इस बार भी आम जनता 20 जून तक ‘mygov.in’ वेब पोर्टल पर अपना सुझाव दर्ज कराकर सरकार को भेज सकती है।
59 वर्षीय वित्त मंत्री निर्मला के पहले बजट भाषण में शामिल होने वाले तथ्य भी तैयार कर लिए गए हैं। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की एल्युमिनी सीतारमण के बजट भाषण में आर्थिक मंदी, वित्तीय क्षेत्र से जुड़ीं बढ़ता एनपीए, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों में तरलता संकट आदि समस्याओं, नई नौकरियां, निजी निवेश, निर्यात बढ़ाने, कृषि संबंधी संकट और राजकोषीय स्थिति से समझौता किए बिना सार्वजनिक निवेश बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
नवगठित 17वीं लोकसभा का पहला संसदीय सत्र 17 जून से 26 जुलाई तक चलेगा। 2019-20 के लिए आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट 4 जुलाई को संसद में पेश की जाएगी और इसके अगले दिन पांच जुलाई को सीतारमण बजट पेश करेंगी।