भारतीय एजेंसियों की लगातार थी नजर
पिछले साल जनवरी में भारत छोड़ने और फरवरी में घोटाला सामने आने के बाद से भारतीय एजेंसियां लगातार उसके मूवमेंट पर नजर बनाकर रखे हुई थीं। नीरव लगातार यूरोप, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका और अन्य देशों के चक्कर लगा रहा था। जांच एजेंसियां लगातार उसके वित्तीय लेनदेन, मीटिंग के बारे में भी जानकारी जुटा रहीं थीं।
चोकसी जैसा चालाक नहीं है नीरव
नीरव अपने मामा मेहुल चोकसी जैसा चालाक नहीं है। मेहुल ने 2017 में ही एंटिगुआ की नागरिकता लेने के लिए आवेदन कर दिया था। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद भी नीरव को लग रहा था कि भारत के बाहर उसका कुछ नहीं बिगड़ सकता है।