भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने के बाद पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी की 2400 करोड़ की संपत्ति को नीलाम किया जा सकता है। इसको लेकर के विशेष पीएमएलए कोर्ट जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई करके हरी झंडी दे सकती है।
नीरव मोदी के यह संपत्तियां हो सकती हैं नीलाम
कोर्ट जिन संपत्तियों को नीलाम करने का आदेश दे सकती है, उनमें मुंबई के वर्ली स्थित समुद्र महल बिल्डिंग में चार फ्लैट और काला घोड़ा में स्थित रिथम हाउस। इस मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नीरव मोदी ने समुद्र महल में स्थित तीन फ्लैट को 2006 में एक कारोबारी से खरीदा था, और उनको डुपलेक्स में बदल दिया था। चौथा फ्लैट उसने एक ट्रस्ट से खरीदा था, जो कि मध्य प्रदेश से जुड़े एक नेता का है। इन फ्लैट्स को खरीदने के लिए नीरव ने 125 करोड़ का भुगतान किया था।
वहीं रिथम हाउस को नीरव ने 2017 में अपनी कंपनी फायरस्टार डायमंड के जरिए करमली परिवार से 32 करोड़ में खरीदा था। वो इसको हेरिटेज प्रॉपर्टी को एक ज्वैलरी शो रूम में बदलना चाहता था।
नीरव मोदी विजय माल्या के बाद दूसरा ऐसा कारोबारी है जिसे नए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी करार दिया गया है। यह अधिनियम पिछले साल अगस्त में प्रभाव में आया था।
नीरव मोदी और उसका चाचा मेहुल चोकसी पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी है। यह गारंटी पत्र जारी करने में कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है जिसकी वजह से सरकारी बैंक को नुकसान उठाना पड़ा था। नीरव मोदी को लंदन में गिरफ्तार किया गया था और अभी प्रत्यर्पण प्रक्रिया लंबित है।
इससे पहले विशेष सीबीआई कोर्ट ने बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और दो अन्य के खिलाफ मुनादी आदेश जारी किया। साथ ही इन आरोपियों को 15 जनवरी को पेश होने का आदेश दिया था। ऐसा नहीं करने पर ही कोर्ट ने नीरव समेत अन्य आरोपियों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया है।
विशेष जज वीसी बोर्डे पेश होने का आदेश नीरव, उसके भाई नीशाल मोदी और करीबी सहयोगी सुभाष परब के खिलाफ जारी किया। कानून के मुताबिक, कोर्ट के एक बार प्रोक्लेमेशन आर्डर या मुनादी आदेश जारी करने पर आरोपियों का उसके सामने दी गई समयसीमा के अंदर पेश होना जरूरी होता है। ऐसा नहीं होने पर उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा सकता है।
एक बार व्यक्ति भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया तो जांच एजेंसी देश में मौजूद उसकी संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर सकती है। पीएनबी घोटाले में नीरव और मेहुल चौकसी मुख्य आरोपी हैं। नीरव इन दिनों लंदन की जेल में बंद है और उसके प्रत्यर्पण का मामला लंबित है। वहीं नीशाल व परब कहां हैं, इसकी जानकारी नहीं है।