जेवर में बनने वाले दिल्ली-एनसीआर के दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए नौ कंपनियों ने बोली लगाने पर अपनी रुचि दिखाई है। इनमें से दो कंपनियां विदेशी है। बाकी सात कंपनियां में से कुछ कंपनियां पहले से ही देश के प्रमुख हवाई अड्डों का संचालन कर रही हैं।
बोली लगाने के लिए लिया डॉक्यूमेंट
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक जेवर हवाई अड्डे पर इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने का प्रोजेक्ट 16 हजार करोड़ रुपये का है। इस प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए सोमवार को जीएमआर इंफ्रा, रिलायंस इंफ्रा, एलएंडटी, जीवीके ग्रुप, फेयरफैक्स इंडिया, एनआईआईएफ, पीएनसी इंफ्रास्ट्रक्चर, ज्यूरिख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और हांगकांग एडीपी ने बोली लगाने के लिए बिड्डिंग डॉक्यूमेंट को खरीदा हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अधिकारियों के मुताबिक इस प्री बिडिंग में भारतीय विमान प्राधिकरण ने भी हिस्सा लिया।
पीपीपी मॉडल पर बनेगा एयरपोर्ट
प्रदेश सरकार इस हवाई अड्डे को पीपीपी मॉडल पर तैयार करेगी। एनआईएएल ने कहा कि जो भी कंपनी निविदा को हासिल करेगी, उसको 90 साल के लिए छूट दी जाएगी। वो कंपनी ही हवाई अड्डे का विकास, ऑपरेशन और मेंटिनेंस करेगी। इसके साथ ही उसी कंपनी को पार्किंग एरिया, रिटेल एरिया को विकसित करने का अधिकार मिलेगा।
30 अक्तूबर आखिरी तारीख
एनआईएएल के अधिकारियों को उम्मीद है कि कई और कंपनियां भी इस हवाई अड्डे को बनाने के लिए आगे आएंगी। निविदा को जमा करने की आखिरी तारीख 30 अक्तूबर है।
जनवरी 2020 से शुरू होगा निर्माण
इस हवाई का निर्माण जनवरी 2020 से शुरू होगा। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर जमीन पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। हवाई अड्डे के शुरू होने के बाद प्रत्येक वर्ष यह 1.20 करोड़ यात्रियों को ढो सकेगा।