भारत और नाइजीरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में 1,108 करोड़ डॉलर रहा है। इसके अलावा 2,700 करोड़ डॉलर के निवेश के साथ करीब 135 भारतीय कंपनियां नाइजीरिया में सक्रिय हैं। ये निवेश विविध क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जिनमें बुनियादी ढांचा, विनिर्माण, उपभोक्ता वस्तुएं और सेवाएं शामिल हैं।
भारत और नाइजीरिया ने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए स्थानीय मुद्रा में व्यापार पर जल्द एक समझौता करेंगे। इसके अलावा नाइजीरिया डिजिटल भुगतान के लिए भारत के यूपीआई का इस्तेमाल करेगा। वाणिज्य मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि भारत के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल मे ही नाइजीरिया की यात्री की है, जहां अबूजा में दोनों पक्षों ने कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, औषधि, बिजली उत्पादन सहित कई ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है जिनमें व्यापार व सहयोग बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा दोनों देश इस बात के लिए सहमत हुए हैं कि स्थानीय मुद्रा निपटान (एलसीएस) समझौता किया जाए, ताकि दोनों देश एक-दूसरे की मुद्रा में व्यापार के लिए भुगतान कर सकें।
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वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि अतिरिक्त सचिव अमरदीप सिंह भाटिया के नेतृत्व में भारत के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय एक्जिम बैंक और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के अधिकारी शामिल थे। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार के साथ-साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी निवेश को बढ़ाने के लिए कई क्षेत्रों की पहचान की है। नाइजीरिया अफ्रीका में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
2022-23 में 1,108 करोड़ डॉलर रहा द्विपक्षीय व्यापार
भारत और नाइजीरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में 1,108 करोड़ डॉलर रहा है। इसके अलावा 2,700 करोड़ डॉलर के निवेश के साथ करीब 135 भारतीय कंपनियां नाइजीरिया में सक्रिय हैं। ये निवेश विविध क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जिनमें बुनियादी ढांचा, विनिर्माण, उपभोक्ता वस्तुएं और सेवाएं शामिल हैं।