दबाव के आगे नहीं झुका ट्राई
ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र ने दूरसंचार नियामक के नए नियमों का भारी विरोध किया था। कुछ डीटीएच और केबल सेवा प्रदाता ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन ट्राई नई नीति लागू कराने पर अडिग रहा। इस दौरान तमाम कयास लगाए गए कि नई नीति से शुल्क में बढ़ोतरी हो जाएगी। 1 फरवरी के बाद चैनल ब्लैकआउट हो जाएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और 83 फीसदी ग्राहकों ने पसंदीदा चैनल चुन लिए।
नियामक ने मंजूर नहीं होने दी रोक की मांग
ट्राई ने डीटीएच और केबल सेवा प्रदाता संघों के साथ कई बार बैठक कर उन्हें वेबसाइट, एप और कॉल सेंटर के जरिये ग्राहकों को पसंदीदा चैनल चुनने के लिए प्रेरित करने को कहा। अपनी वेबसाइट पर भी पैक चुनने की सुविधा मुहैया कराई।
दस दिन पहले 50 फीसदी के करीब ग्राहक जुड़ने के बाद यह आंकड़ा 100 फीसदी तक पहुंचाने के लिए नियामक ने लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी दी। इस दौरान दिल्ली से लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट तक ट्राई ने नई नीति के फायदों को स्पष्ट किया और रोक की मांग मंजूर नहीं होने दी।
ऐसे बनाई गई नीति
ट्राई ने अपनी वेबसाइट पर 42 प्रसारणकर्ताओं के कुल 332 चैनलों का शुल्क स्पष्ट किया है। एक रुपये से लेकर 19 रुपये तक के चैनलों की सूची वेबसाइट पर है। अगर कोई कॉम्बो पैक या चैनल नहीं चुना जाता है तो ग्राहक को प्रति माह 130 रुपये ही देने होंगे। इसमें उसे 100 चैनल मिलेंगे। इसमें 65 फ्री टू एयर चैनल शामिल होंगे, जिनमें दूरदर्शन के 23 चैनल, तीन संगीत के चैनल, तीन समाचार चैनल और तीन फिल्म के चैनल हैं। इससे इतर अगले 25 चैनल के लिए ग्राहक को 20 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। देश में 16.6 करोड़ घरों में केबल टीवी और डीटीएच है।