सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद रियल एस्टेट क्षेत्र सुस्ती से उबर नहीं पा रही है। इसका असर मकानों की बिक्री और नई आवासीय परियोजनाओं के लॉन्च पर भी दिखने लगा है। प्रॉपर्टी ब्रोकरेज कंपनी प्रॉपटाइगर डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर तिमाही में नई आवासीय परियोजनाओं की लॉन्चिंग में 45 फीसदी की गिरावट आई है।
2018 की सितंबर तिमाही के 61,679 परियोजनाओं के मुकाबले इस साल की समान अवधि में महज 33,883 परियोजनाएं लॉन्च की गईं। इसके अलावा, मकानों की बिक्री भी 25 फीसदी घटकर 65,799 इकाई रह गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बिल्डरों ने देश के प्रमुख नौ शहरों में मकानों की बिक्री में जारी गिरावट को रोकने की काफी कोशिशें की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। इसके अलावा, इस साल की पहली छमाही के दौरान मकानों की बिक्री और नए लॉन्च में साफ तौर पर गिरावट देखने को मिली है।
वित्त वर्ष 2018-19 की पहली छमाही में 1,70,715 मकान बिके। इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही में महज 1,51,764 मकान ही बिक सके। इसी तरह, 2018-19 की पहली छमाही में 1,37,146 नई आवासीय परियोजनाएं लॉन्च हुई थीं। इसके मुकाबले 2019-20 की पहली छमाही में महज 83,662 परियोजनाएं ही लॉन्च हुईं। यह 39 फीसदी की गिरावट को दर्शाता है।
मुंबई-पुणे में सबसे ज्यादा लॉन्च
रिपोर्ट में कहा गया है कि आलोच्य तिमाही के दौरान पुणे में सबसे अधिक 10,425 आवासीय परियोजनाएं लॉन्च की गईं। इसके बाद भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में 8,132 परियोजनाएं लॉन्च हुईं। वहीं, मकानों बिक्री की मामले में 21,985 इकाइयों के साथ मुंबई शीर्ष पर रहा, जबकि पुणे में 13,644 मकानों की बिक्री हुई। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गुरुग्राम में नई परियोजनाओं के लॉन्च में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि बाकी शहरों में इसमें गिरावट देखने को मिली है।
बिके मकानों में आधे किफायती श्रेणी के
चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के दौरान कुल 65,799 इकाइयों की बिक्री हुई। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 88,078 रहा था। इसके अलावा, इन शहरों में पिछले वर्ष की समान तिमाही में पंजीकृत बिक्री के मुकाबले इस साल गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस तिमाही के दौरान बिके कुल मकानों में आधे किफायती श्रेणी के मकान थे।
बिना बिके मकान 13 फीसदी घटे
रिपोर्ट के अनुसार, आलोच्य तिमाही में बिना बिके मकानों की संख्या में 13 फीसदी की गिरावट आई है, जो राहत की बात है। इसमें कहा गया है कि बिक्री के मुकाबले नए लॉन्च में कमी के कारण बिना बिके मकानों की संख्या घटी है। देश के प्रमुख नौ बाजारों में बिल्डरों के पास बिना बिके मकानों की संख्या 7,78,627 है। इसमें आधे-से-अधिक किफायती मकान हैं। यह रिपोर्ट अहमदाबाद, बंगलूरू, चेन्नई, गुरुग्राम (भिवाड़ी, धारूहेड़ा और सोहना), हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई (नवी मुंबई और ठाणे), नोएडा (ग्रेटर नोएडा और यमुना-एक्सप्रेसवे) और पुणे में अध्ययन पर तैयार किया गया है।