नए वीजा नियमों के तहत अप्रैल, 2019 से एच1बी वीजा मुहैया कराने की प्रक्रिया लॉटरी के जरिए होगी। ऐसे में भारतीय पेशेवरों के लिए वीजा मिलना किस्मत का भी खेल होगा। एच1बी वीजा अस्वीकार करने की दर मौजूदा समय 65 फीसदी तक बढ़ी है, जिसमें नए नियमों के बाद और बढ़ोतरी होगी।
गौरतलब है कि ट्रंप सरकार ने शुक्रवार को एच-1बी वीजा आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव दिया था। इसके तहत एच-1बी वीचा चाहने वाली कंपनियों को पहले से अपनी अर्जी इलेक्ट्रॉनिक रूप में पंजीकृत करने की जरूरत होगी। हालांकि इसका मकसद यह बताया जा रहा है कि सरकार चाहती है कि यह लोकप्रिय वीजा सिर्फ अत्यधिक कुशल और ऊंची पगार वाले विदेशी श्रमिकों को ही मिले।
अमेरिका की शीर्ष कंपनियों ने हालांकि ट्रंप सरकार को चेताया है कि एच-1बी वीजा के नए नियमों से अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। कई कंपनियों के सीईओ ने ट्रंप सरकार को पत्र भेजा है। इस पत्र में एपल के सीईओ टिम कुक, जेपीमोर्गन के सीईओ जेमी डिमॉन, कोका कोला के जेम्स क्वीनी और आईबीएम के गिनी रोमेटी समेत 59 शीर्ष कंपनियों के सीईओ ने हस्ताक्षर किए हैं।