बायजूस की मूल कंपनी टीएलपीएल में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। निलंबित निदेशक बायजू रविन्द्रन ने एनसीएलटी में शिकायत की है कि प्रमुख कर्जदाता जीएलएएस ट्रस्ट एफडीआई के नाम पर अवैध विदेशी कर्ज (ईसीबी) दिलाने की कोशिश कर रहा है।
बायजूस की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (टीएलपीएल)में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। निलंबित निदेशक बायजू रविन्द्रन ने एनसीएलटी का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया है कि प्रमुख कर्जदाता जीएलएएस ट्रस्ट कंपनी विदेशी निवेश (एफडीआई) के नाम पर अवैध विदेशी कर्ज (ईसीबी) दिलाने की कोशिश कर रही है।
ये भी पढ़ें:- 'किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा न हो': लालू की बेटी का आरोप- कल मुझे मारने के लिए चप्पल उठाई गईं
अब समझिए क्या पूरा मामला?
बता दें कि पूरे मामले में एईएसएल (आकाश) को सुप्रीम कोर्ट से राइट इश्यू की मंजूरी मिल गई है। वहीं टीएलपीएल, जिसके पास एईएसएल की लगभग 25.7% हिस्सेदारी है, को अपने हिस्से का राइट इश्यू भरने के लिए करीब ₹25.75 करोड़ चाहिए थे, लेकिन टीएलपीएल दिवालिया प्रक्रिया (सीआईआरपी) में है और उसके पास पैसे नहीं हैं। इसी वजह से जीएलएएस ट्रस्ट ने अपनी अमेरिकी सहायक कंपनी के जरिये टीएलपीएलृ को ₹100 करोड़ तक के सीसीडी जारी करने का प्रस्ताव दिया, ताकि पैसा जुटाया जा सके।
गौरतलब है कि रवींद्रन के अनुसार एक साधन मजबूरी से कन्वर्ट भी हो और विकल्प से भी यह कानूनी रूप से असंभव है। वहीं आरबीआई और एफईएमए के नियमों के मुताबिक यह सीसीडी असल में अनधिकृत विदेशी कर्ज है। रवींद्रन ने एनसीएलटी से आग्रह किया है कि पांच नवंबर की सीओसी मीटिंग में पास हुए सभी सात प्रस्ताव रद्द किए जाएं। साथ ही जीएलएएस ट्रस्ट के साथ किया गया सीसीडी समझौता अवैध घोषित किया जाए।