काली कमाई अर्थव्यवस्था के समानांतर चलने वाली एक गैर वैधानिक प्रक्रिया है जिस पर काफी पहले से लगाम लगाने की कवायद होती आई है। नोटबंदी जैसे बड़े कदम को भी इसी कवायद का हिस्सा माना जा रहा है। फिर भी अर्थव्यवस्था को लेकर कुछ सवाल भविष्य में सरकार को चुनौतियां पेश करते रहेंगे।
1. नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध वसूली करेंसी के बल पर ही फलती फूलती है। भविष्य में सरकार के सामने इस पर पूरी तरह से लगाम लगाने की चुनौती
होगी।
2. कालाधन कर चोरी से की गई कमाई होती है जो काफी हद तक करेंसी के बलबूते ही बढ़ती है। ऐसे में सरकार के सामने सभी कारोबारियों को वैधानिक
लेन-देन के रास्ते पर लाने की बड़ी चुनौती बरकरार रहेगी।
3. बुनियादी ढांचे के अभाव में डिजिटल और कैशलेस अर्थव्यवस्था की राह कितनी मुश्किल है, बीते 50 दिनों में वास्तविकता सामने आ चुकी है। ऐसे में
सरकार के सामने आने वाले दिनों में इसे और आगे ले जाने की चुनौती बनी रहने वाली है।
4. नोटबंदी से कारोबारियों को करारा झटका लग चुका है। ऐसे में अर्थव्यवस्था को संजीवनी देने के लिए निवेश को और बढ़ाना होगा। बेरोजगारी के आंकड़ों
को दुरुस्त करने की चुनौती भी सरकार को परेशान करती रहेगी।