शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अब तक 20.66 फीसदी बढ़कर 13.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 1,35,754 करोड़ रुपये रहा था। आयकर विभाग ने सोमवार को बताया कि 17 दिसंबर, 2023 तक 13,70,388 करोड़ रुपये के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में कॉरपोरेट कर (सीआईटी) की हिस्सेदारी 6.95 लाख करोड़ रुपये रही है। वहीं, 6.73 लाख करोड़ रुपये व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) से मिले हैं। इसमें प्रतिभूति लेनदेन कर भी शामिल है। 13.70 लाख करोड़ रुपये के साथ ही चालू वित्त वर्ष 2023-24 में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह बजट अनुमान के 75 फीसदी पर पहुंच गया है।
2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक रिफंड जारी
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा, चालू वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान प्रत्यक्ष करों से 18.23 लाख करोड़ रुपये जमा होने की उम्मीद है। इसमें व्यक्तिगत आयकर और कॉरपोरेट कर शामिल हैं। 2023-24 में 17 दिसंबर 2023 तक 2.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के रिफंड जारी किए जा चुके हैं।
राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पा लेगी सरकार: कराड
वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने सोमवार को कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष 2023-24 में 5.9 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल कर लेगी। चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीने में राजकोषीय घाटा 8.04 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। यह पूरे साल के अनुमान का 45 फीसदी है। कराड़ ने कहा, केंद्र ने 13 दिसंबर तक सरकारी कंपनियों में हिस्सा बेच 100.5 अरब रुपये जुटाए हैं।