SEBI Chief: शेयर बाजार नियामक सेबी के प्रमुख ने शुक्रवार को कहा कि प्रतिभूति बाजार में निवेशकों की जागरूकता और भागीदारी के बीच की खाई को पाटने की जरूरत है ताकि उन्हें शिक्षित किया जा सके और वे सोच-समझकर निवेश करें। सेबी के मुखिया ने आगे क्या कहा, आइए जानते हैं विस्तार से।
प्रतिभूति बाजार में निवेशकों की जागरूकता और भागीदारी के बीच की खाई को पाटने की जरूरत है ताकि उन्हें शिक्षित किया जा सके और वे सोच-समझकर निवेश करें। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शुक्रवार को यह बात कही।
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सेबी और सेबी-विनियमित संस्थाओं द्वारा किए गए निवेशक सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला देते हुए पांडे ने कहा कि सेबी पर यह सुनिश्चित करने की बड़ी जिम्मेदारी है कि पहली बार निवेश करने वाले निवेशक सोच-समझकर निर्णय लें। सर्वेक्षण में कहा गया है कि 63 प्रतिशत परिवारों को प्रतिभूति बाजार में उपलब्ध उत्पादों के बारे में जानकारी है, लेकिन उनमें से केवल 9.5 प्रतिशत ही प्रतिभूति बाजार में निवेश कर रहे हैं।
पांडे ने कहा, "वित्तीय समावेशन का मतलब केवल पहुँच नहीं है, बल्कि यह भी है कि क्या लोगों को निवेश के बारे में जानकारी है और क्या उन्हें बाज़ार पर भरोसा है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि हम जागरूकता और भागीदारी के बीच की खाई को पाटने के लिए काम करें।"
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उन्होंने 'भारत का शेयर बाजार' नामक सेबी मंडप का उद्घाटन करते हुए कहा कि निवेशक संरक्षण और निवेशक जागरूकता के माध्यम से हमें बाजार में अधिक विश्वास पैदा करने की जरूरत है।
सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि यह बेहद ज़रूरी है कि लोगों को प्रतिभूति बाज़ार के बारे में जागरूक किया जाए और वे धोखे में न आएँ। उन्होंने कहा कि 1 अक्तूबर से शुरू किया गया 'सेबी चेक' टूल निवेशकों को संभावित धोखाधड़ी से बचाने में मदद करेगा।