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G Kishan Reddy: किसानों की बेहतरी के लिए सरकार ने किए बड़े बदलाव, जानें 2014 से अब तक कितना बढ़ा कृषि बजट

Sat, 10 Jun 2023 06:43 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

G Kishan Reddy: रेड्डी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को किसानों के लिए लाभदायक बनाने के लिए व उन्हें प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए ऐसे काम कर रही है जैसा आजादी के बाद से पहले कभी नहीं हुआ।"
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केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी - फोटो : संवाद
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केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार देश में कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कई नए बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि 2014 में संप्रग के सत्ता से बाहर होने के बाद से किसानों के बजट में भारी वृद्धि हुई है।

किसानों के हित में ऐसे कदम उठाए जा रहे जो आजादी के बाद से नहीं उठाए गए

रेड्डी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को किसानों के लिए लाभदायक बनाने के लिए व उन्हें प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए ऐसे काम कर रही है जैसा आजादी के बाद से पहले कभी नहीं हुआ।" उन्होंने कहा, ''इसके तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना व प्रधानमंत्री सिंचाई योजना शुरू की गई है। साथ ही किसानों के सभी वर्गों को किसान क्रेडिट कार्ड और मृदा स्वास्थ्य कार्ड मुहैया कराए गए हैं।

देश का कृषि बजट 21933 करोड़ रुपये से सवा लाख करोड़ रुपये हुआ

उन्होंने कहा कि 2014 में देश का कृषि बजट 21,933 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि देश भर में 11 करोड़ लोगों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं, जबकि 23 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश में हर साल एक लाख करोड़ रुपये के खाना पकाने के तेल का आयात होता था और केंद्र ने इसे कम करने के लिए कई कदम उठाए। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में हालिया वृद्धि सहित कृषि के विभिन्न पहलुओं में प्रमुख निर्णयों और प्रगति पर प्रकाश डाला।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री बोले- देश में उर्वरकों की कमी नहीं

उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा राजग सरकार के दौरान देश में उर्वरकों के संबंध में क्रांति हुई है जबकि पहले उर्वरकों की भारी कमी थी। उन्होंने कहा कि उर्वरक की कमी के कारण किसान उर्वरक की दुकानों के सामने कतारों में खड़े रहते थे और लाठीचार्ज की घटनाएं भी देखी जाती थीं। तेलंगाना के वारंगल में दिल का दौरा पड़ने से एक किसान की मौत हो गई। उन्होंने कहा, 'ऐसी भयावह स्थिति से देश में उर्वरकों से जुड़ी क्रांति आ गई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीम लेपित यूरिया शुरू किए जाने से काला बाजार नियंत्रित हुआ है और देश में यूरिया प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।

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