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Go First Crisis : NCLAT ने NCLT के दिवालिया कार्यवाही के आदेश को बरकरार रखा, कुछ संशोधन करने के निर्देश

Mon, 22 May 2023 03:29 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गो फर्स्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एनसीएलटी की ओर से दिए गए 10 मई को संकटग्रस्त गो फर्स्ट एयरलाइन के दिवाला आदेश को सोमवार को बरकरार रखा और न्यायाधिकरण के आदेश में कुछ संशोधन करने का निर्देश दिया। एनसीएलएटी ने पट्टेदारों को विमानों का कब्जा वापस लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और उन्हें गो फर्स्ट दिवाला कार्यवाही मामले में किसी भी उपाय के लिए एनसीएलटी जाने के लिए कहा।

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गो फर्स्ट के पट्टेदार एनसीएलटी के उस फैसले का विरोध कर  कर रहे हैं जिसमें अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) की नियुक्ति और अंतरिम स्थगन के लिए मंजूरी दी गई थी। एनसीएलटी ने 10 मई को स्वैच्छिक दिवाला प्रक्रिया के लिए गो फर्स्ट की याचिका स्वीकार कर ली थी और कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू करने पर अपनी सहमति दे दी थी। एनसीएलटी ने पट्टेदारों और उधारदाताओं की ओर से जारी वसूली को स्थगित कर गो फर्स्ट संरक्षण प्रदान किया है।

अमेरिका स्थित जेट निर्माता प्रैट एंड व्हिटनी (पीएंडडब्ल्यू) ने बजट एयरलाइन के इस दावे के खिलाफ अपना बचाव किया है कि पीएंडडब्ल्यू वित्तीय स्थिति और दिवालियापन के लिए जिम्मेदार है। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जे अशोक भूषण और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) नरेश सालेचा की एनसीएलएटी पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता राहत के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में वापस जा सकते हैं।

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