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राष्ट्रीय युवा दिवस: कारोबारी दुनिया में नई पीढ़ी का बोलबाला, खुद के दम पर खड़ा किया अरबों का साम्राज्य

Wed, 12 Jan 2022 02:35 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज राष्ट्रीय युवा दिवस है और इस मौके पर युवा उद्यमियों की सफलता की बात करना जरूरी है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए। कुछ ऐसा ही जज्बा दिख रहा है देश के युवा उद्यमियों में जिन्होंने कम उम्र में ही खुद की मेहनत और लगन से कारोबारी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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युवा अरबपति - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आज राष्ट्रीय युवा दिवस है और इस मौके पर युवा उद्यमियों की सफलता की बात करना जरूरी है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए। कुछ ऐसा ही जज्बा दिख रहा है देश के युवा उद्यमियों में जिन्होंने कम उम्र में ही खुद की मेहनत और लगन से कारोबारी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। इस सूची में ईशा अंबानी से लेकर बिन्नी बसंल, अंजली सूद और विजय शेखर शर्मा जैसे नाम शामिल हैं। 

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दिव्यांक-भाविन तुराखिया
सबसे कम उम्र में अरबपति बनने वालों की सूची में तुराखिया ब्रदर्स का नाम सबसे आगे है। दिव्यांक-भाविन तुराखिया फोर्ब्स की टॉप 100 अमीरों की सूची में शामिल रह चुके हैं। दिव्यांक तुराखिया और भाविन तुराखिया 'डायरेक्ट-आई' कंपनी के को-फाउंडर हैं। डायरेक्ट-आई विभिन्न तकनीकी कंपनियों का समूह है, जिसकी स्थापना 1998 में महज 25 हजार रुपये की लागत से की गई थी। अब यह 1.55 अरब डॉलर से भी ज्यादा वैल्यू की है। मुंबई से ताल्लुक रखने वाले तुराखिया ब्रदर्स ने गेमिंग बिजनेस से अपनी कंपनी की शुरुआत की और फिर वेब होस्टिंग, ऑनलाइन एडवरटाइजिंग और एप की दुनिया में कामयाबी हासिल की। भारत के साथ-साथ इनकी कंपनी यूएसए और यूएई से संचालित होती है। 

बिन्नी-सचिन बंसल 
इस फेहरिस्त में फ्लिपकार्ट के संस्थापक 37 वर्षीय बिन्नी बंसल और 39 वर्षीय सचिन बंसल का नाम भी आता है। इन दोनों की कुल संपत्ति करीब 7,500 करोड़ रुपये हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से बाहर निकलने के बाद से बिन्नी बंसल एक एंजेल निवेशक के रूप में कई स्टार्ट-अप में निवेश कर रहे हैं। इसके अलावा सचिन बंसल ने इसकी सह-स्थापना की है और नवी के सीईओ हैं, जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है।
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नितिन-निखिल कामथ
वित्तीय कंपनी जेरोधा चलाने वाले नितिन कामथ और निखिल कामथ भारत में 40 साल से कम उम्र के सबसे अमीर स्व-निर्मित अरबपतियों में से एक हैं। दोनों भाइयों की कड़ी मेहनत के चलते जेरोधा देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म बनकर सामने आई। कम समय में ही इसने ग्राहकों की संख्या के लिहाज से बड़ी ब्रोकरेज कंपनियों को कहीं पीछे छोड़ दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में यह निवेशकों की पसंदीदा ब्रोकरेज फर्म बनकर उभरी थी और आज भी पहली पसंद बनी हुई है।  

विजय शेखर शर्मा 
भारत में नोटबंदी के बाद पेटीएम ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की. डिजिटल भुगतान से शुरू हुआ सफर आज ई-कॉमर्स की दुनिया में प्रवेश कर चुका है। साल 2010 में विजय शेखर शर्मा ने पेटीएम की स्थापना की थी। 42 साल के विजय शेखर शर्मा फोर्ब्स की टॉप 100 अमीरों की लिस्ट में शामिल रह चुके हैं। वहीं पेटीएम आज 2.15 अरब डॉलर की कंपनी बन चुकी है। विजय शेखर शर्मा ने बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने बिजनेस की शुरुआत की थी और आज इस मुकाम पर हैं। भारत के सबसे कम उम्र के अरबपतियों की सूची में रितेश अग्रवाल, दीपिंदर गोयल भी शामिल हैं।

ईशा-आकाश अंबानी
देश के सबसे रईस व्यक्ति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने भी खुद को साबित किया है। फॉर्च्यून की सूची में शामिल ईशा और उनके जुड़वां भाई आकाश अंबानी को रिलायंस जियो की जिम्मेदारी दी गई, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया और इसे नए मुकाम पर ले गए। जियो को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। दोनों ने सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक के साथ 9.99 फीसदी की हिस्सेदारी के लिए 5.7 बिलियन डॉलर की डील को भी सफलतापूर्वक पूरा किया। फॉर्च्यून ने लिखा है कि इंटेल, क्वालकॉम और गूगल जैसी कंपनियों को रिलायंस के साथ जोड़ने और उनसे निवेश लाने का काम भी ईशा और आकाश के नेतृत्व में पूरा हुआ।

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