फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Starlink: एलन मस्क की स्टारलिंक पर थिंक टैंक ने उठाए सवाल; कहा- वे भेड़ की वेश में भेड़िया, जानें कारण

Wed, 13 Nov 2024 05:33 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Starlink: थिंकटैंक कूटनीति फाउंडेशन ने स्टारलिंक को 'भेड़ की वेश में भेड़िया' कहते हुए कहा कि वह दोहरे उपयोग वाली तकनीक है, उसके सबसे बड़े ग्राहक अमेरिकी सरकार और वहां की खुफिया एजेंसियां व सेना है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर स्टारलिंक को भारत में सेवाओं की अनुमति दी जाती है, तो यह राष्ट्रीय हितों के लिए गलत साबित हो सकता है।
विज्ञापन
एलन मस्क - फोटो : X
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एलन मस्क की स्टारलिंक को भारत में इंटरनेट सेवाओं का लाइसेंस देने की खबरों के बीच थिंक टैंक कूटनीति फाउंडेशन ने इस पर आशंका जाहिर की है। थिंक टैंक के अनुसार स्टारलिंक की अमेरिकी खुफिया व सैन्य एजेंसियों के साथ गहरे संबंध हैं, ऐसे में उन्हें भारत में सैटेलाइड ब्रांडबैंक जैसी सेवाओं के लिए लाइसेंस देना राष्ट्रीय हितों के लिए बाधा साबित हो सकती है।

विज्ञापन


थिंकटैंक कूटनीति फाउंडेशन ने स्टारलिंक को 'भेड़ की वेश में भेड़िया' कहते हुए कहा कि वह दोहरे उपयोग वाली तकनीक है, उसके सबसे बड़े ग्राहक अमेरिकी सरकार और वहां की खुफिया एजेंसियां व सेना है। पुराने मोबाइल फोन सेवा प्रदाता वॉयस और इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए दूरसंचार टावरों का उपयोग करते हैं, उपग्रह संचार या सैटकॉम में इसे प्रदान करने के लिए उपग्रहों के समूह का उपयोग किया जाता है। थिंक टैंक ने चिंता जताई है कि चिंताएँ हैं कि उन उपग्रहों का नियंत्रण देश के बाहर है।

कुटनीति ने एक रिपोर्ट में कहा, "स्टारलिंक उपग्रहों का समूह दुनिया भर में इंटरनेट सेवा प्रदाताओं का एक नया रूप है, जो भौगोलिक सीमांकन और प्राकृतिक सीमाओं से बंधा नहीं है। दुनिया के हर नागरिक तक सीधी पहुंच है, जिसमें उपयोगकर्ता और अमेरिकी के बीच कोई शासन संरचना नहीं है।"
विज्ञापन


मंगलवार को संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि स्टारलिंक को अभी सुरक्षा मानदंडों का पालन करना बाकी है, और उपग्रह ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए लाइसेंस तभी जारी किया जाएगा जब वे भारत में सेवाओं के लिए सभी आवश्यकताओं को पूरा करेंगे।
विज्ञापन


कुटनीति की रिपोर्ट पर टिप्पणी मांगने के लिए स्टारलिंक को भेजे गए ईमेल का फिलहाल जवाब नहीं आया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें