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Mumbai: मुंबई में बढ़ रही लग्जरी घरों-दफ्तरों की मांग, लगातार हो रहे निवेश के कारण रियल एस्टेट कीमतें आसमान पर

Thu, 17 Oct 2024 12:29 PM IST
नविता स्वरूप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Mumbai Real Estate Market: मुंबई के रियल एस्टेट बाजार में पिछले आठ महीने में काफी तेजी दिखी है। मुंबई के अमीर लोग अल्ट्रा लक्जरी घरों पर अधिक पैसे खर्च कर रहे हैं। अगस्त 2024 तक 40 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों की बिक्री में तेजी दिखी है। कीमतें भी बढ़ रही हैं। कर्मशियल स्पेस की बात करें तो बुनियादी ढांचे में सुधार से व्यवसायों और निवेशकों दोनों के लिए इस क्षेत्र में मौके उपलब्ध हो रहे हैं।
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मुंबई मरीन ड्राइव - फोटो : Freepik
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विस्तार
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मुंबई के रियल एस्टेट बाजार में पिछले आठ महीने में काफी तेजी देखने को मिली है। जिसमें मुंबई के अमीर लोग अल्ट्रा लक्जरी घरों पर अधिक पैसे खर्च कर रहे हैं। अगस्त 2024 तक 40 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों की बिक्री तेज हुई है। कीमतें भी बढ़ रही हैं। वहीं कर्मशियल स्पेस की बात करें तो बुनियादी ढांचे में सुधार से व्यवसायों और निवेशकों दोनों के लिए इस क्षेत्र उल्लेखनीय वृद्धि देख रहे हैं। रियल एस्टेट एजेंसी नाइट फ्रैंक इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार मुंबई में ऑफिस स्पेस का किराया विशेषकर नरीमन प्वाइंट का किराया सबसे तेजी बढ़ा है। एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2030 तक नरीमन पॉइंट में किराया मौजूदा 569 रुपये प्रति वर्ग फीट से बढ़कर 1,091 रुपये प्रति वर्ग फीट हो जाएगा, जो इस क्षेत्र में प्रीमियम ऑफिस स्पेस की मजबूत मांग को दर्शाता है।

अतिधनाढ्य रियल एस्टेट पर खर्च बढ़ा रहे, आम आदमी मुश्किल में

उद्योग जगत के जानकारों का कहना है कि मुंबई रियल एस्टेट उद्योग इसलिए भी तेजी में क्योंकि कई रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में तेजी आई है। वहीं उपनगरीय क्षेत्रों जैसे कि बोरीवली, मीरा रोड, सहित मुंलुड, घाटकोपर सहित नवी मुंबई में नए प्रोजेक्ट आ रहे हैं, जिसमें लग्जरी फ्लैट के साथ ऑफिस स्पेस भी बनाए जा रहे हैं। जानकारों का यह भी मानना है कि अति धनाढ्य वर्ग के लोगों में कीमतों की परवाह किए बिना आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश का चलन बढ़ा है। इसका खामियाजा मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि लगातार कीमतें बढ़ने से घर या दफ्तर का इंतजाम करना उनकी पहुंच से बाहर होता जा रहा है।

आवासीय बाजार में सबसे ज्यादा महंगाई

मुंबई ऐसी संपत्तियों की अधिकतम बिक्री वाले शहरों की सूची में सबसे ऊपर है, बावजूद इसके कि यह भारत में अब तक का सबसे महंगा आवासीय बाजार है। वित्तीय राजधानी लगातार एचएनआई और अल्ट्रा-एचएनआई को आकर्षित करती है जो निवेश, व्यक्तिगत उपयोग या दोनों के लिए अल्ट्रा-लक्जरी घर खरीदते हैं। पुणे, चेन्नई और कोलकाता में इस बड़े मूल्य वर्ग में कोई बिक्री नहीं हुई। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एनारॉक के मुताबिक, 2024 के पहले आठ महीनों में मुंबई, हैदराबाद, गुरुग्राम और बेंगलुरु में कुल 25 अल्ट्रा-लक्जरी घर बेचे गए, जिनकी कुल बिक्री कीमत करीब 2,443 करोड़ रुपये रही।

2024 में बिकी सिर्फ 21 अल्ट्रा-लग्जरी संपत्तियों की औसत कीमत 2,200 करोड़ रुपये

2024 में अब तक शीर्ष शहरों में बेची गई 25 अल्ट्रा-लक्जरी संपत्तियों में से अकेले मुंबई में 21 यूनिट्स की बिक्री हुई है। जिनकी कीमत कुल मिलाकर 2,200 करोड़ रुपये है। यह शीर्ष शहरों में इस सेगमेंट में कुल सौदों का 84 प्रतिशत हिस्सा है। हैदराबाद के जुबली हिल्स में कम से कम 2 अलग-अलग अल्ट्रा-लक्जरी होम डील कुल मिलाकर 80 करोड़ रुपये की हुई। एनसीआर के गुरुग्राम में एक अल्ट्रा-लक्जरी घर 95 करोड़ रुपये में बिका, जबकि बेंगलुरु में भी 67.5 करोड़ रुपये की एक डील हुई। एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहना है कि 2024 में चार महीने शेष हैं और अक्टूबर से दिसंबर तक त्योहारी तिमाही चल रही है, इसलिए साल खत्म होने से पहले हमें इस तरह के बड़े आकार के आवासीय सौदे देखने को मिल सकते हैं। हमें उम्मीद है कि 2024 में बचे हुए चार महीनों में बाजार इस सेगमेंट में एक नया शिखर देखेगा।

ऑफिस स्पेस के किरायों में भी तेजी

नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार 2000 के दशक की शुरुआत में नरीमन पॉइंट मुंबई का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र था। इसका किराया 2003 में 200 रुपये प्रति वर्ग फुट से लगातार बढ़कर 2007 में 550 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया। हालांकि वैश्विक वित्तिय संकट जो कि 2008 में हुआ और मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉप्लेक्स (बीकेसी) बढ़ती मांग के कारण 2012 में ऑफिस स्पेस का किराया 402 रुपये प्रति वर्ग फुट रह गया। 2018 तक नरीमन पॉइंट का किराया और कम होकर 375 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया, जो बीकेसी के ऑफिस किराय 833 रुपये प्रति वर्ग फुट और एनसीआर के ऑफिस स्पेस किराए 460 रुपये प्रति वर्ग फुट से काफी कम था।

प्रीमियम ऑफिस स्पेस के मामले में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल बताते हैं कि, दक्षिण मुंबई में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है, जो पूरे शहर में रणनीतिक बुनियादी ढांचे के बदलाव की वजहों से हो रहा है। प्रीमियम ऑफिस स्पेस में यह नई दिलचस्पी पहले से ही बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों में दिखाई दे रही है। बेहतर बुनियादी ढांचे और मजबूत आवासीय बाजार के मिलन से नरीमन पॉइंट की एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र के रूप में स्थिति मजबूत हुई है। यह निवेशकों और कारोबारियों को आकर्षित करेगी।

नरीमन प्वाइंट के किराये में 52% तक का इजाफा

रिपोर्ट बताती है कि 2024 की पहली छमाही तक नरीमन पॉइंट में शीर्ष किराया की दरों में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 569 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया, जो बेंगलुरु (353 रुपये प्रति वर्ग फुट) और एनसीआर ( 429 प्रति वर्ग फीट) है। यह बीकेसी के किराए वृद्धि से काफी आगे है जहां किराया में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं बेंगलुरु और देश की राजधानी के दिल्ली (एनीसीआर) में किरायो में  क्रमश 4 प्रतिशत और 7 प्रतिशत की गिरावट आई है। नरीमन पॉइंट के ऑफिस स्पेस के किरायों में वृद्धि का मुख्य कारण जानकार बताते हैं कि आगामी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं जो यहां की कनेक्टिविटी को और बढ़ावा देने वाली हैं। जिसमें मुंबई में नरीमन पॉइंट को काफी बढ़ावा मिलने वाला है क्योंकि एमएमआरसीएल वैश्विक निविदा के माध्यम से 4.2 एकड़ की एक प्रमुख भूमि की नीलामी करने की योजना बना रहा है, जिसमें प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाएं कनेक्टिविटी और व्यवसायों के लिए आकर्षण को बढ़ाएंगी। इस विकास में मिश्रित उपयोग विकल्प और सीधे मेट्रो तक पहुंच शामिल है, जो संभावित रूप से नरीमन पॉइंट के केंद्रीय व्यापार केंद्र की प्रमुखता को बहाल करेगी।

धारावी परियोजना पूरा होने पर कीमतों में और इजाफे की आशंका

जानकारों का कहना है कि मुंबई की बहुप्रेक्षित धरावी पुर्नविकास परियोजना के लिए अडानी समूह देवनार लैंडफिल साइट की 124 एकड़ जमीन को आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।  यह जमीन मुंबई की सबसे पुरानी और सबसे बड़े डंपिंग ग्राउड में से एक है। जहां धारावी का पुनर्विकास किया जाना है। इससे पहले 10 अक्टूबर को मंत्रिमंडल ने धारावी निवासियों के पुनर्वास के लिए मड में लगभग 140 एकड़ जमीन की मंजूरी दी है। इसका असर भी मुंबई के रियल एस्टेट बाजार पर होगा। अदाणी द्वारा पूरा किया जाने वाला यह प्रोजेक्ट काफी बड़ा है। इसके पूरे होने के साथ ही अन्य बड़े प्रोजक्ट मुंबई के रियल एस्टेट की कीमतों भारी वृद्धि करने में सहायक होंगे।

दक्षिण मुंबई के बड़े सौदों से भी रियल एस्टेट कारोबार को मिलती है रफ्तार

मुंबई के दक्षिण क्षेत्र में स्थित काला घोड़ा के मशहूर म्यूजिक स्टोर रिदम हाउस को लेकर एक सौदा हुआ है, जो रियल एस्टेट उद्योग के लिए भी अहम है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार परिधान रिटेलर्स भाने रिटेल को इसका पसंदीदा बोलीदाता के रूप में चुन लिया गसा है। भाने रिटेक का स्वामित्व आनंद आहूजा के पास है और यह कंपनी परिधान निर्माता शाही एक्सपोर्ट्स की सहायक कंपनी है। आनंद अहूजा अभिनेत्री सोनम कपूर के पति हैं। इस सौदे में रिदम हाउस प्राइवेट लिमिटेड में फायरस्टार डायमंड की 99.77 प्रतिशत हिस्सेदारी लेनी है। इसके अलावा भाने रिटेल कुर्ला में फायरस्टार डायमंड के अधिकार वाले ऑफिस स्पेस जो 12,000 वर्ग फुट है को भी लेगी। रिदम हाउस को उसके मालिक करमली बंधुओं ने संगीत की सीडी की बिक्री में भारी गिरावट के बाद बंद कर दिया था। इसको 2017 में नीरव मोदी ने खरीदा था। रियल उद्योग विशेषज्ञ मीहिर शाह कहते हैं इस तहर के सौदों से भी रियल एस्टेट बाजार में तेजी आती है। काला घोड़ा इलाका में जहांगीर ऑर्ट गैलरी सहित सभी बड़े फैशन डिजाइनर के बुटीक और स्टोर तथा प्रीमियम रेस्टोरेंट हैं। इसलिए इस तरह के सौदे यहां की परिसंपत्तियों की कीमतों पर असर डालते हैं।

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