नियामकों ने टेक ऋणदाता को बंद कर दिया और इसे यूएस फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एफडीआईसी) के नियंत्रण में डाल दिया। एफडीआईसी एक रिसीवर के रूप में कार्य कर रहा है, जिसका आमतौर पर मतलब है कि यह जमाकर्ताओं और लेनदारों सहित अपने ग्राहकों को वापस भुगतान करने के लिए बैंक की संपत्ति का निपटारा कर देगा।
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि वह एसवीबी फाइनेंशियल के पतन के प्रभाव को समझने के लिए इस सप्ताह भारतीय स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। वे यह समझने की कोशिश करेंगे कि संकट के दौरान सरकार कैसे मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि एसवीबी फाइनेंशियल के बंद होने से निश्चित रूप से दुनिया भर के स्टार्टअप बाधित हो रहे हैं। केंद्रीय उद्यमिता, कौशल विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री चंद्रशेखर ने एक ट्वीट में कहा, स्टार्टअप न्यू इंडिया की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
विज्ञापन
बता दें कि स्टार्टअप्स फंडिंग के लिए मशहूर सिलिकॉन वैली बैंक बीते शुक्रवार को तालाबंदी के कगार पर पहुंच गया। जिससे अमेरिकी संघीय सरकार को कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
नियामकों ने टेक ऋणदाता को बंद कर दिया और इसे यूएस फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एफडीआईसी) के नियंत्रण में डाल दिया। एफडीआईसी एक रिसीवर के रूप में कार्य कर रहा है, जिसका आमतौर पर मतलब है कि यह जमाकर्ताओं और लेनदारों सहित अपने ग्राहकों को वापस भुगतान करने के लिए बैंक की संपत्ति का निपटारा कर देगा। एफडीआईसी के बयान में कहा गया है कि सभी बीमित जमाकर्ताओं की सोमवार सुबह 13 मार्च 2023 तक अपनी बीमाकृत जमा राशि तक पूरी पहुंच होगी।
विज्ञापन
एनवाईटी की रिपोर्ट के अनुसार एवीबी की विफलता अमेरिकी इतिहास में 2008 के वित्तीय संकट के बाद से सबसे बड़ी दूसरी सबसे बड़ी विफलता है। आंकड़ों से पता चलता है कि इस सप्ताह बैंक के शेयरों में 60 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।