आयकर विभाग के अनुसार सोमवार शाम तक करीब सात करोड़ से अधिक आईटी रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। सोमवार यानी आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख है। सोमवार को रात 12 बजे से पहले लोग अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। अब तक की जानकारी के अनुसार रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा समाप्त होने के कारण ई-फाइलिंग पोर्टल पर यूजर्स को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ रहा है।
विभिन्न संगठनों के मांगों के बावजूद, आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (एवाई 2025-26) के लिए एकल व्यक्तियों, एचयूएफ और उन लोगों की ओर से आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने का कोई संकेत नहीं दिया है, जिन्हें अपने खातों का ऑडिट नहीं कराना है।
कंपनी ने एक पोस्ट में कहा, "अब तक 7 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं और अभी भी गिनती जारी है।" विभाग ने लोगों से अपील की है कि कर जिन्होंने निर्धारण वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल नहीं किया है, वे अपना रिटर्न दाखिल करें। वित्त वर्ष 2024-25 में अर्जित आय के लिए बिना जुर्माने के आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर है। पिछले साल 31 जुलाई तक 7.28 करोड़ आईटीआर दाखिल किए गए थे।
पिछले कुछ दिनों में कई चार्टर्ड अकाउंटेंट और व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि आईटी पोर्टल पर कर भुगतान और एआईएस (वार्षिक सूचना विवरण) डाउनलोड करते समय गड़बड़ियां आ रही हैं। सोमवार को नेटिजन्स ने यह भी शिकायत की कि वे ई-फ्लिंग पोर्टल में लॉग इन करने में असमर्थ हैं।
14 सितंबर को देर रात एक्स पर पोस्ट में, विभाग ने समय सीमा बढ़ाने के बयान को "फर्जी" करार दिया, और करदाताओं से केवल @IncomeTaxIndia पर आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने के लिए कहा। इसमें कहा गया है, "आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15.09.2025 है।"
आईटीआर अपलोड करने और कर भुगतान में समस्याओं का दावा करने वाली एक पोस्ट का जवाब देते हुए, विभाग ने दिन में पहले कहा था, "ई-फाइलिंग पोर्टल ठीक काम कर रहा है। कृपया अपना ब्राउजर कैश साफ करें या किसी अन्य ब्राउजर के माध्यम से पोर्टल एक्सेस करने का प्रयास करें।" इसने लोगों से अपनी जानकारी (पैन और मोबाइल नंबर के साथ) ईमेल आईडी orm@cpc.incometax.gov.in पर साझा करने के लिए भी कहा।
14 सितंबर को, आईटी विभाग ने एआईएस/टीआईएस डाउनलोड करने में समस्या का दावा करने वाले उपयोगकर्ताओं को जवाब देते हुए कहा था: "एआईएस/टीआईएस सुविधा बिना किसी समस्या के काम कर रही है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया इसे फिर से एक्सेस करने का प्रयास करें। यदि आपको कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो कृपया अपना विवरण (अपने मोबाइल नंबर और सार्वजनिक आईपी पते के साथ) cmcpc_support@insight.gov.in पर हमारे साथ साझा करें।"
विभाग ने मई में ऐसे व्यक्तियों, एचयूएफ और संस्थाओं द्वारा आकलन वर्ष (एवाई) 2025-26 (वित्तीय वर्ष 2024-25 में अर्जित आय के लिए) के लिए आईटीआर दाखिल करने की नियत तारीख को 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर करने की घोषणा की थी, जिन्हें अपने खातों का ऑडिट नहीं कराना है।
यह विस्तार आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म में "संरचनात्मक और विषयवस्तु संशोधनों" के कारण किया गया था, जिसकी अधिसूचना अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में जारी की गई थी। आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर फॉर्म में किए गए बदलावों के साथ-साथ आईटीआर फाइलिंग सुविधाओं और बैक-एंड सिस्टम में भी संशोधन किए जाने की आवश्यकता है। पिछले कुछ वर्षों में आईटीआर दाखिल करने में लगातार वृद्धि देखी गई है, जो बढ़ते अनुपालन और कर आधार के विस्तार को दर्शाती है। निर्धारण वर्ष 2024-25 के लिए, 31 जुलाई, 2024 तक रिकॉर्ड 7.28 करोड़ आईटीआर दाखिल किए गए। वहीं निर्धारण वर्ष 2023-24 के लिए यह संख्या 6.77 करोड़ थी, जो साल-दर-साल 7.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।