भारत में हुए जीएसटी सुधारों पर अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी अपनी राय दी है। एजेंसी ने बताया है कि जीएसटी सुधारों से, जिसके तहत 375 वस्तुओं पर कर की दरें कम की गई हैं आम लोगों के घर के बजट पर सकारात्मक असर पड़ेगा। एजेंसी ने कहा है कि इससे उपभोग को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को कहा कि इन सुधारों से सरकारी राजस्व में कमी आएगी।
मूडीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि भारत की प्रभावी जीएसटी दरों में कमी से निजी उपभोग को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक विकास मजबूत होगा। इससे देश को ऐसे समय पर मदद मिलेगी जब यह अमेरिका की ओर से लगाए गए 50% टैरिफ के कारण दबाव से निपटने की तैयारी कर रहा है।
जीएसटी परिषद ने पिछले सप्ताह अपनी बैठक में वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो स्तरीय संरचना बनाने को मंजूरी दी। तंबाकू और संबंधित उत्पादों तथा अति विलासिता वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर रखी गई।
नई दरें 22 सितंबर से प्रभावी होंगी, तंबाकू और संबंधित उत्पादों को छोड़कर, जिन पर 31 दिसंबर तक 28 प्रतिशत कर और क्षतिपूर्ति उपकर लागू रहेगा। वर्तमान में जीएसटी 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत के स्लैब में लगाया जाता है।
इसमें कहा गया है, "जीएसटी सुधार परिवारों के लिए राजकोषीय नीति समर्थन का एक और रूप है, जो फरवरी में शुरू की गई उच्च आयकर सीमा का पूरक है, जिससे कई मध्यम आय वाले परिवारों को आयकर से छूट मिली और अन्य के लिए आयकर भुगतान कम हुआ। दोनों उपायों का उद्देश्य घरेलू उपभोग को बढ़ावा देना है, जो सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 61 प्रतिशत है।"
इसमें कहा गया है कि जीएसटी ढांचे में घोषित बदलावों से भारत में खरीदी और बेची जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर लागू औसत कर दरें प्रभावी रूप से कम हो जाएंगी, क्योंकि उच्च कर स्तरों में से एक को समाप्त कर दिया गया है और साथ ही कई वस्तुओं के लिए जीएसटी को वापस ले लिया गया है। मूडीज ने कहा कि कम कीमतें मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने में भी मदद करेंगी।