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पिज्जा, बर्गर,चाउमीन खाने वालों को देना होगा ज्यादा टैक्स!

Mon, 30 Jan 2017 01:21 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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जल्द ही आपको पिज्जा, बर्गर और नूडल्स जैसे जंक फूड खाने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है। दरअसल, केंद्र सरकार आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट में जंक फूड पर टैक्स लगाने पर विचार कर रही है। इस टैक्स को फैट टैक्स का नाम दिया जाएगा। इस टैक्स के लागू होने के साथ ही अब आपको अपने पसंदीदी पिज्जा, बर्गर, नूडल्स, कोल्ड ड्रिंक्स और चिप्स खाने के लिए ज्यादा पैसै खर्च करने होंगे।
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बिजनेस इनसाइडर की खबर के मुताबिक 11 सचिवों के एक समूह ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रेजेंटेशन देकर जंक फूड पर फैट टैक्स लगाने की सिफारिश की है। सचिवों का सुझाव है कि जंक फूड पर फैट टैक्स से लोगों को पिज्जा, बर्गर, नूडल्स आदि से दूर रखने में मदद मिलेगी। और लोग जब कम जंक फूड क खाएंगे तो इससे मोटापा और दिल की बीमारियां बढ़ने जैसी समस्याओं की रफ्तार पर लगाम लगेगी।

सचिवों ने फैट टैक्स की सिफारिश करते हुए कहा कि इस टैक्स से मिलने वाली रकम को देश के स्वास्थ्य बजट में जोड़ा जाएगा, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके।
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केरल में पहले से लागू है फैट टैक्स

- फोटो : getty images
यह पहली बार नहीं है जब भारत में फैच टैक्स लगाने पर विटार किया गया हो। केरल में जूलाई 2016 से ही फैट टैक्स लागू है। केरल में लोगों को पिज्जा, बर्गर, चाउमीन खाने पर सरकार को 5% अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता है। विदेशों की बात की जाए तो कई यूरोपीय देशों जैसे डेनमार्क और हंगरी में जंक फूड पर फैट टैक्स लगाया गया है। ताकि लोग जंक फूड से दूर रहे और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर के लिए पैसा जुटाया जा सके। 

बता दें कि मोटापे के मामले में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है हालांकि ऑर्गेनाइज्ड फास्ट फूड चेन्स, ट्रेड और इंडस्ट्री ने केरल में फैट-टैक्स लगाने का विरोध किया था। केंद्र सरकार को इनके विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
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