पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रमों के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला में पैदा हुई चिंताओं के बीच, भारत के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ऊर्जा सुरक्षा पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि वर्तमान में देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
एलपीजी जमाखोरों पर देशव्यापी कार्रवाई बाजार में ईंधन की कृत्रिम कमी रोकने के लिए सरकार ने प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है। सुजाता शर्मा के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में देश भर में लगभग 12,000 छापेमारी की गई हैं, जिनमें 15,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, तेल विपणन कंपनियों की टीमों ने लगभग 2,500 रिटेल आउटलेट्स और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप्स पर औचक निरीक्षण किया है।
वैश्विक मंच पर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी है कि विदेश मंत्री ने ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि काजा कलास के निमंत्रण पर ईयू विदेश मामलों की परिषद की बैठक में हिस्सा लिया।। इस बैठक में पश्चिम एशिया के हालात और ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभाव पर विशेष चर्चा की गई, तथा संघर्ष को जल्द समाप्त करने के लिए कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया गया।
शिपिंग ऑपरेशंस और नाविकों की सुरक्षित वापसी आपूर्ति शृंखला और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर शिपिंग मंत्रालय के राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक और जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में दूतावासों के समन्वय से 161 भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। ऊर्जा आयात के मोर्चे पर, दूसरा एलपीजी कैरियर 'नंदा देवी' आज तड़के 2:30 बजे कांडला पहुंच गया है। 'शिवालिक' व 'नंदा देवी' दोनों जहाजों से कार्गो डिस्चार्ज किया जा रहा है और बंदरगाह पर कार्गो संचालन को सुव्यवस्थित किया गया है।
इसके साथ ही, जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (जेएनपीए) की सड़क पर 450 कंटेनरों के पड़े होने की खबर को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया गया है कि सभी कंटेनर तय नीति के अनुसार कंटेनर फ्रेट स्टेशनों (सीएफएस), गोदामों और फैक्ट्री परिसरों में सुरक्षित हैं। प्रेस वार्ता के दौरान यह भी बताया कि पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर सरकार की नजर बनी हुई है और आगामी 18 मार्च को विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।