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कोरोना महामारी के बीच छह महीने में आया तीन लाख करोड़ का एफडीआई

Wed, 16 Dec 2020 03:40 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
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Piyush Goyal - फोटो : ANI
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कोरोना महामारी के बीच देश में छह महीने के दौरान 40 अरब डॉलर (करीब 2.95 लाख करोड़ रुपये) का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है, जो 13 फीसदी ज्यादा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि इस साल के पहले नौ महीने में महामारी के बावजूद विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने वाले नीतियों के कारण देश में एफडीआई लगातार बढ़ा है। अप्रैल-सितंबर, 2020 के दौरान इसमें 13 फीसदी की तेजी आई है।

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सीआईआई के ‘पार्टनरशिप समिट-2020’ में उन्होंने कहा कि आज हमारी एफडीआई नीति दुनिया में सबसे सुविधाजनक और अनुकूल नीतियों में एक है। भारत अवसरों की भूमि है। मैं आपको विकास, वृद्धि और समृद्धि की ‘बस’ में सवार होने के लिए आमंत्रित करता हूं। हम आपका स्वागत खुले हाथों और रेड कॉरपेट के साथ करेंगे। अवसरों की इस भूमि में आपकी यात्रा के दौरान हम आपको पूरी सहायता, साझेदारी और सहभागिता का भरोसा देते हैं।


100 फीसदी विदेशी निवेश की अनुमति
गोयल ने कहा कि लगभग सभी क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग के जरिए 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति दी गई है। दूरसंचार, मीडिया, दवा और बीमा जैसे कुछ क्षेत्रों में विदेशी निवेशकों को निवेश करने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी है। इसके अलावा, लॉटरी व्यवसाय, जुआ, सट्टेबाजी, चिटफंड, निधि कंपनी, रियल एस्टेट और तंबाकू-सिगरेट का कारोबार जैसे नौ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश अभी प्रतिबंधित है।  
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गहरे आर्थिक सुधारों के लिए भारत को बधाई : फिनलैंड
समिट में फिनलैंड के विदेशी व्यापार मंत्री विले टैपियो स्किन्नरी ने कहा कि भारत में अवसरों की कमी नहीं है। मैं भारत को गहरे आर्थिक सुधारों और खुली अर्थव्यवस्था के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहूंगा। भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर कहा कि दोनों पक्षों को उच्चस्तरीय बातचीत के लिए एक समय तय करना चाहिए ताकि समझौते के बारे में मतभेदों पर जल्द-से-जल्द चर्चा हो सके। इस समझौते से भारतीय कारोबारी माहौल में तेजी से सुधार होगा, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर भी दिखेगा।

एसएंडपी ने आर्थिक वृद्धि दर अनुमान में किया सुधार
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग ने मंगलवार को 2020-21 के लिए भारत के आर्थिक वृद्धि अनुमान में सुधार कर (-) 7.7 फीसदी कर दिया है। इससे पहले उसने अर्थव्यवस्था में 9 फीसदी गिरावट का अनुमान लगाया था। रेटिंग एजेंसी ने कहा, अर्थव्यवस्था में बढ़ती मांग, कोरोना संक्रमण की दर में कमी आने और सितंबर तिमाही में उम्मीद से अधिक तेजी से सुधार के कारण अनुमान को संशोधित किया है।

एसएंडपी ने 2021-22 के दौरान आर्थिक वृद्धि दर 10 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग के मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया-प्रशांत) शॉन रोचे ने कहा, भारत वायरस से जीना सीख रहा है। एशिया-प्रशांत की ज्यादातर अर्थव्यवस्थाओं की तर्ज पर भारत में भी विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से सुधार हो रहा है। भारत के जीडीपी में जुलाई-सितंबर तिमाही में 7.5 फीसदी गिरावट आई थी, जबकि अप्रैल-जून तिमाही में यह गिरावट 23.9 फीसदी थी।

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