मई में लोकसभा चुनावों के बाद दूध के दामों में बढ़ोतरी होने की आशंका है। अगर ऐसा होता है तो फिर इसका असर दूध से बने अन्य उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ेगा। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक यह इसलिए होगा क्योंकि स्किम दूध के उत्पादन में कमी हो गई है। वहीं गर्मी के मौसम में दूध की सप्लाई भी काफी कम हो जाती है।
क्रिसिल के मुताबिक दूध बेचने वाली कंपनियां दाम में एक से दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर सकती हैं। इससे पहले दूध के दाम 2017 में बढ़े थे। हालांकि देश में दो प्रमुख दूध कंपनियां अमूल और मदर डेयरी ने इस बारे में किसी तरह की घोषणा नहीं की है।
अगर दूध के दामों में इजाफा होता है तो फिर घी, पनीर, मक्खन, चीज़, लस्सी और छाछ के अलावा चाय, कॉफी, मिठाई, चॉकलेट आदि की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। दूध के दाम बढ़ने का असर आम आदमी की रसोई पर देखने को मिलेगा, क्योंकि इसकी खपत प्रत्येक परिवार में रोजाना होती है।