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बजट 2019: मध्यम वर्गीय लोगों को 5 लाख की आयकर छूट सीमा देने की तैयारी में सरकार

Tue, 15 Jan 2019 11:26 AM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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मध्यम वर्ग की नाराजगी को कम करने और आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र सरकार बड़ी राहत देने का मन बना रही है। वित्त मंत्रालय आयकर छूट में 2.5 लाख रुपये का इजाफा कर सकता है। ऐसे में अगले वित्त वर्ष से 5 लाख तक की सालाना आय वाले लोग आयकर के दायरे से बाहर हो जाएंगे। 

अंतरिम बजट में हो सकती है घोषणा

वित्त मंत्री अरुण जेटली इसकी घोषणा 1 फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में इस बात की घोषणा कर सकते हैं। उम्मीद है कि वित्त मंत्री इस बार के बजट में आम जनता के लिए कई लोक लुभावन योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। 

यह हो सकती हैं घोषणाएं

केंद्र सरकार किसानों को जल्द ही दो बड़े तोहफे देने जा रही है। इसकी घोषणा अगले हफ्ते तक और बजट से पहले हो सकती है। इसके तहत जहां किसानों को मासिक तनख्वाह मिलेगी, वहीं खेती के लिए ब्याज मुक्त लोन भी मिलेगा। वहीं बेरोजगारों को भी हर महीने उनके खाते में एक निश्चित राशि भी ट्रांसफर की जाएगी, जिससे वो अपना जीवन यापन अच्छी तरह से कर सकेंगे। 

मिलेगा ब्याज मुक्त लोन

केंद्र सरकार इसके बाद ब्याज मुक्त लोन भी देने का एलान भी कर सकती है, जिससे किसानों पर ज्यादा आर्थिक बोझ न पड़े। किसानों को एक लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन भी मिलेगा। ब्याज मुक्त लोन देने से सरकार पर करीब 2.30 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। सरकार इसकी घोषणा यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) के तहत करेगी। 

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होम लोन होगा सस्ता

पहली अप्रैल से आम जनता को बड़ा तोहफा देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सभी प्रकार के लोन की ब्याज दर को लेकर के एक बड़ा फैसला किया है।  इस नियम के तहत होम, पर्सनल और सूक्ष्म व लघु उद्योगों के लिए ब्याज दर के लिए बैंकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

आरबीआई तय करेगा ब्याज दर

1 अप्रैल से आरबीआई जो भी रेपो रेट के हिसाब से ब्याज दर तय करेगा, व्यक्तियों को उसी के हिसाब से ईएमआई देनी होगी। आरबीआई की दरें घटते ही बैंक आपकी ईएमआई घटा देंगे। इससे आरबीआई द्वारा नीतिगत दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों को मिलने की राह में पारदर्शिता आएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि  पहले आरबीआई द्वारा रेपो रेट घटाए जाने के बावजूद बैंक अपने महंगे फंड का हवाला देते हुए ब्याज दरों में कटौती अपेक्षित तरीके से नहीं किया करते थे। हालांकि, 1 अप्रैल 2019 से उन्हें एक्सटर्नल बेंचमार्किंग सिस्टम को मानना होगा।

इससे आरबीआई द्वारा ब्याज दर घटने या बढ़ने का फायदा लोन लेने वालों को जल्द मिलेगा। आरबीआई ने डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी पॉलिसीज के बयान में कहा कि ब्याज दरों को एक्सटर्नल बेंचमार्क्स से जोड़ने का आखिरी दिशानिर्देश इस महीने के अंत में जारी होगा।

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सभी को घर देने का वादा किया था और मोदी 2022 तक सभी को पक्के घर देने का वादा सार्वजनिक मंचों से करते रहे हैं, ऐसे में अपने इस बड़े वादे को पूरा करने के लिए सरकार होम लोन के रेट कम कर सकती है ताकि मिडिल क्लास के लोग आसानी से घर पा सकें।
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