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Microsoft: अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट की मुश्किलें तेज, एफटीसी ने अविश्वास की शुरू की जांच; जानें क्या है आरोप

Fri, 29 Nov 2024 05:39 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

एफटीसी जांच रही है कि माइक्रोसॉफ्ट अपने सॉफ्टवेयर बाजार की ताकत का दुरुपयोग कर रहा है या नहीं। आरोप है कि कंपनी क्लाउड प्लेटफॉर्म एज्योर से ग्राहकों का डाटा अन्य प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करना मुश्किल बना रही है।
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Microsoft - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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अमेरिकी व्यापार आयोग (एफटीसी)  ने माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ बड़ी जांच शुरू की है। इसके दायरे में सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग और क्लाउड कंप्यूटिंग कारोबार के तरीके हैं। जांच को एफटीसी की चेयरपर्सन लीना खान ने मंजूरी दी, जो जनवरी में पद से हट सकती हैं। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद जांच को लेकर अनिश्चितता है, क्योंकि ट्रंप एक व्यापार के लिए नरम रुख रखने वाले को नियुक्त कर सकते हैं। उनके पूर्व कार्यकाल में कंपनी को काफी फायदा भी हुआ।
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एफटीसी कर रही जांच
एफटीसी जांच रही है कि माइक्रोसॉफ्ट अपने  सॉफ्टवेयर बाजार की ताकत का दुरुपयोग कर रहा है या नहीं। आरोप है कि कंपनी क्लाउड प्लेटफॉर्म एज्योर से ग्राहकों का डाटा अन्य प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करना मुश्किल बना रही है। इसके अलावा साइबर सुरक्षा और एआई उत्पादों से जुड़े माइक्रोसॉफ्ट के तौर-तरीके भी एफटीसी जांच के दायरे में है। इस मामले में प्रतिद्वंद्वियों का आरोप है कि कंपनी अपने लाइसेंसिंग नियमों से ग्राहकों को एज्योर के साथ बने रहने के लिए मजबूर करती है। 

एफटीसी ने मांगी विस्तृत जानकारी
ब्लूमबर्ग की  रिपोर्ट के मुताबिक, एफटीसी ने  कंपनी से कई जानकारियां मांगी हैं। इसमें उसका एआई स्टार्टअप इंफ्लेक्शन एआई के साथ 65 करोड़ डॉलर का सौदा भी शामिल है। जांच एजेंसी पहले से ही  माइक्रोसॉफ्ट और ओपन एआई की जांच कर रही है कि क्या वे एआई प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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ट्रंप के रुख पर अभी असमंजस
एंटीट्रस्ट पर कानूनी सेवा देने वाली फर्म डॉयल बार्लो एंड मजार्ड के वकील एंड्रे बार्लो के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने एंटीट्रस्ट कानूनों को सख्ती से लागू किया। उन्होंने बताया कि इसने गूगल और फेसबुक जैसी कंपनियों के खिलाफ मुकदमे दायर किए। उनका कहना है कि प्रशासन बदलने से चल रही जांचें हमेशा खत्म नहीं होतीं, प्राथमिकताएं जरूर बदल सकती हैं।
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