भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी की ओर से अपने प्रत्यर्पण को चुनौती देने के मामले की सुनवाई 9 दिसंबर को बेल्जियम के सर्वोच्च न्यायालय- कोर्ट ऑफ कैसेशन- के समक्ष होगी। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
चोकसी ने बेल्जियम की शीर्ष अदालत में एंटवर्प अपीलीय न्यायालय के 17 अक्तूबर के फैसले को चुनौती दी है। इस फैसले में भारत की ओर से उसके प्रत्यर्पण के अनुरोध को बरकरार रखते हुए इसे "वैध" बताया गया था।
एडवोकेट जनरल हेनरी वेंडरलिंडन ने कहा कि कोर्ट ऑफ कैसेशन 9 दिसंबर को मामले की सुनवाई करेगा। उन्होंने पीटीआई को बताया कि अपील न्यायालय केवल कानूनी पहलुओं पर अपील न्यायालय के निर्णय की जांच करता है, जैसे कि क्या अपील न्यायालय ने कानूनी प्रावधानों को सही ढंग से लागू किया है, तथा क्या उन्होंने सही प्रक्रिया का पालन किया है। उन्होंने कहा, "इसलिए, नए तथ्य या साक्ष्य पेश नहीं किए जा सकते।"
वेंडरलिंडन ने साफ किया, "कार्यवाही, संक्षेप में, लिखित होती है। नियमानुसार, सभी मामलों की सुनवाई होती है। यदि न्यायालय अपील स्वीकार करने से इनकार करता है, तो यह कानूनी आधार पर होगा, उदाहरण के लिए, जिस व्यक्ति ने शिकायत दर्ज की थी, उसके पास ऐसा करने की कानूनी क्षमता नहीं थी।"
उन्होंने कहा कि पक्षकारों को अपनी शिकायतें उसी समय लिखित रूप में बतानी चाहिए जब वे न्यायालय में अपील करें। उन्होंने कोर्ट ऑफ कैसेशन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "वे कोई अन्य शिकायत नहीं जोड़ सकते। सुनवाई के दौरान, वे अपनी शिकायतों को विस्तार दे सकते हैं, लेकिन इसके अलावा कुछ नहीं।"
17 अक्तूबर को एंटवर्प में अपील न्यायालय में चार सदस्यीय अभियोग कक्ष ने 29 नवंबर 2024 को जिला न्यायालय के पूर्व-परीक्षण कक्ष की ओर से जारी आदेशों में कोई कमी नहीं पाई। इस आदेश में मई 2018 और जून 2021 में मुंबई की विशेष अदालत की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट को "प्रवर्तनीय" करार दिया गया। इससे चोकसी के प्रत्यर्पण की अनुमति मिल गई।
अपीलीय न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि 13,000 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किये जाने पर निष्पक्ष सुनवाई से वंचित किए जाने या दुर्व्यवहार का सामना किए जाने का कोई खतरा नहीं है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया है कि घोटाले की कुल राशि में से अकेले चोकसी ने 6,400 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है।
घोटाले का पता चलने से कुछ दिन पहले जनवरी 2018 में एंटीगुआ और बारबुडा भाग गए चोकसी को बेल्जियम में देखा गया था। चोकसी वहां कथित तौर पर इलाज करवा रहा था। भारत ने मुंबई की विशेष अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर 27 अगस्त 2024 को बेल्जियम को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था।