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Mehul Choksi: भारत प्रत्यर्पण को वैध बताने वाले फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गया चौकसी, बेल्जियम में अपील

Mon, 03 Nov 2025 05:55 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mehul Choksi: भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने एंटवर्प की अदालत के एक आदेश के खिलाफ बेल्जियम के सर्वोच्च न्यायालय में अपील की है। आइए इस बारे में जानें।
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मेहुल चोकसी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने एंटवर्प की अदालत के एक आदेश के खिलाफ बेल्जियम के सर्वोच्च न्यायालय में अपील की है। एक अधिकारी ने बताया कि एंटवर्प की अदालत ने चोकसी के प्रत्यर्पण को वैध बताया गया था। एंटवर्प की एक अदालत ने शुक्रवार (17 अक्तूबर) को भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। अधिकारियों के अनुसार यह आदेश भारत की ओर से उसके प्रत्यर्पण के मामले को पुख्ता करता है। हालांकि अदालत ने कहा था कि चोकसी के पास बेल्जियम की एक उच्च न्यायालय में इस फैसले के खिलाफ अपील करने का विकल्प है।

अदालत ने कहा- चोकसी के अपराध प्रत्यपर्ण के लिए जरूरी सिद्धांत को संतुष्ट करते हैं

बेल्जियम स्थित एंटवर्प के एक कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि चोकसी के अपराध भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी के साथ धारा 201, 409, 420 और 477-ए के तहत भारतीय कानून के तहत दंडनीय हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 13(2) के साथ धारा 13(1)(सी) और (डी) के तहत भी एक वर्ष से अधिक की सजा का प्रावधान है। अदालत ने आगे कहा कि चोकसी के खिलाफ आपराधिक संगठन, ठगी, गबन और जालसाजी के आरोप बेल्जियम कानून के तहत भी दंडनीय हैं। इस तरह चोकसी के अपराध बेल्जियम आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 66, 196, 197, 213, 240, 241, 245, 246, 247 एसएसएसएस2-4, 324 ए-बी और 496 के तहत, प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक दोहरी आपराधिकता के सिद्धांत को संतुष्ट करते हैं।

आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताने वाली चोकसी की दलील खारिज

एंटवर्प की अदालत ने चोकसी की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि प्रत्यर्पण का अनुरोध राजनीति से प्रेरित है या उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। अदालत ने कहा कि कथित अपराधों को "राजनीतिक, सैन्य या गैर-प्रत्यर्पणीय कर अपराध नहीं माना जा सकता', और 'यह मानने का कोई आधार नहीं है कि यह अनुरोध किसी व्यक्ति पर उसकी जाति, धर्म, राष्ट्रीयता या राजनीतिक संबद्धता के आधार पर मुकदमा चलाने या उसे दंडित करने के इरादे से किया गया था।'

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