कंपनियों हो रहे वित्तीय घोटाले की जानकारी को साझा करने के लिए सेबी और कंपनी मामलों के मंत्रालय ने एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद अब ऑटोमेटिक तरीके से जानकारियां साझा होंगी। इस समझौते पर एमसीए के संयुक्त सचिव के वी आर मूर्ति और सेबी की पूर्णकालिक सदस्य माधवी पुरी ने हस्ताक्षर किये हैं।
इस समझौते के बाद अब इस तरह की कंपनियों पर सही तरीके से निगरानी हो सकेगी। इससे शेयर बाजार से डिलिस्ट हुई कंपनियां, उनका शेयर होल्डिंग पैटर्न, निलंबित कंपनियां, शेयरों का अलॉटमेंटऔर ऑडिट रिपोर्ट जैसी जानकारियों को साझा किया जा सकेगा।
इसके साथ ही एक डाटा एक्सचेंज समूह भी बनाया गया है, जो समय-समय पर मिलकर स्टेटस को ट्रेक करेंगे और आगे क्या किया जाना चाहिए उस पर भी चर्चा करेंगे।