वैश्विक सेमीकंडक्टर और तकनीकी वर्चस्व की दौड़ में अमेरिका ने एक और आक्रामक कदम उठाया है। वाशिंगटन में अमेरिकी कांग्रेस के सीनेटरों ने चीन और अन्य प्रतिद्वंद्वी देशों को एडवांस्ड चिप निर्माण तकनीक हासिल करने से रोकने के लिए एक नया विधेयक पेश किया है। मल्टीलेटरल अलाइनमेंट ऑफ टेक्नोलॉजी कंट्रोल्स ऑन हार्डवेयर (एमएटीसीएच) एक्ट नामक इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य निर्यात नियंत्रण की मौजूदा खामियों को दूर करना और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सहयोगी देशों के साथ नीतियों में तालमेल स्थापित करना है।
यह कानून केंद्र सरकार को सेमीकंडक्टर उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण 'चोकपॉइंट्स' (व्यापार और आपूर्ति के प्रमुख मार्ग) की पहचान करने और मित्र देशों के साथ मिलकर एक समान एक्सपोर्ट कंट्रोल लागू करने का निर्देश देता है। सीनेटर पीट रिकेट्स और एंडी किम द्वारा संयुक्त रूप से लाए गए इस बिल को सीनेटर जिम रिश और चक शूमर का भी समर्थन प्राप्त है।
यह बिल सीधे तौर पर ग्लोबल सप्लाई चेन और तकनीकी बाजार को प्रभावित करेगा। इसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
प्रतिनिधि जॉन डब्ल्यू. मैनियन ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी श्रमिकों और नवाचार ने दुनिया की सबसे एडवांस्ड सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि यह बिल उन उपकरणों, नौकरियों और तकनीकों की सुरक्षा करेगा जो 21वीं सदी में अमेरिका को चीन से आगे रखेंगे।
कांग्रेसी माइकल बॉमगार्टनर और विश्लेषक रयान फेडासियुक ने चेतावनी दी है कि चीन अमेरिकी और सहयोगी देशों की निर्यात व्यवस्था के गैप का लगातार फायदा उठा रहा है, क्योंकि सहयोगी देशों के नियंत्रण हमेशा एक समान लागू नहीं होते। समर्थकों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में अमेरिकी लीडरशिप बनाए रखने के लिए यह सख्त कानून अनिवार्य है।
सेमीकंडक्टर अब केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि एआई, डिफेंस सिस्टम और ग्लोबल सप्लाई चेन का समर्थन करने वाली एक रणनीतिक तकनीक बन चुका है। यह नया कदम घरेलू चिप उत्पादन को मजबूत करने और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने की वाशिंगटन की पूर्व की कोशिशों का ही विस्तार है। चूंकि अमेरिका और उसके सहयोगियों की नीतियों में मतभेद एक बड़ी चुनौती रहे हैं, इसलिए 'एमएटीसीएच एक्ट' वैश्विक स्तर पर तकनीक पर नियंत्रण के लिए अधिक समन्वित और बहुपक्षीय दृष्टिकोण स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक नीतिगत बदलाव साबित हो सकता है।