देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया का कहना है कि त्योहारी सीजन में यात्री वाहनों की मांग बढ़ने से मंदी से गुजर रहा देश का वाहन उद्योग फिर रफ्तार पकड़ेगा, भले ही सरकार इसकी मदद करे या नहीं। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मानसून को लेकर चिंता और चुनाव वाहनों की बिक्री में सुस्ती के अहम कारण थे, लेकिन अब नए मॉडलों के बाजार में आने और कंपनियों की ओर से उन पर आकर्षक पेशकश लाए जाने के बीच विशेषकर ग्रामीण बाजारों से मांग आएगी।
मारुति सुजुकी इंडिया के कार्यकारी निदेशक (मार्केटिंग एवं सेल्स) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, ‘सरकार उद्योग को मदद देगी या नहीं, कब और कितनी सहायता देगी, मदद अभी करेगी या बाद में... इस संबंध में हम कोई कयास नहीं लगाना चाहते हैं। हम तो बस अपने रुख को और अधिक रचनात्मक रखने की कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि वाहन उद्योग सरकार से राहत पैकेज के रूप में वाहनों पर जीएसटी की दर को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने को कह रहा है।
40,618 वैगन आर वापस बुलाए
मारुति सुजुकी तेल की नली की समस्या को दुरुस्त करने के लिए अपने एक लीटर इंजन वाले 40,618 वैगन आर वापस बुला रही है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसने 15 नवंबर, 2018 से 12 अगस्त, 2019 के बीच बने वैगनआर को वापस मंगाने का निर्णय खुद ही लिया है। कंपनी के मुताबिक, वह इन 40,618 कारों के ईंधन की नली की जांच करेगी, जिसमें समस्या की आशंका है और जिन कारों में समस्या पाई जाएगी, उसे निशुल्क दुरुस्त किया जाएगा।