दर कम करने का सही वक्त नहीं
मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव फिलहाल वाहनों पर माल एवं सेवाकर (जीएसटी) की दर कम करने का यह सही वक्त नहीं है। साथ ही इससे कुछ लाभ नहीं होने वाला है क्योंकि वाहन उद्योग का उत्पादन इस समय सबसे निचले स्तर पर है। एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान भार्गव ने कहा कि मौजदा वक्त में कम से कम अगले महीने या दो महीने के लिए सभी ऑटोमोबाइल निर्माताओं का उत्पादन बेहद कम रहने वाला है। ऐसे समय में जीएसटी कटौती का कोई मतलब नहीं होगा।
सरकार के साथ हुई थी अहम बैठक
हाल ही में ऑटो क्षेत्र के दिग्गजों की केंद्र के साथ हुई बैठक में सेक्टर को पुनर्जीवित करने के लिए कई सुझाव दिए गए थे, जिसमें सबसे अहम था कि वाहनों पर जीएसटी की दरों में कटौती की जाए। इस बैठक में भार्गव भी शामिल थे. उनका कहना था कि जीएसटी की दरों में कटौती का फायदा तब होगा जब उत्पादन अपने चरम पर होगा और मांग से ज्यादा आपूर्ति होगी। तब इसकी हमें आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन फौरी तौर पर उद्योग जगत को इसकी जरूरत नहीं है।
जल्द ही सेकंड लाइन प्रोडक्शन शुरू
घेरलू यात्री बाजार में 54 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाली मारुति का कहना है कि यदि करों की दर में किसी तरह की कटौती प्रस्तावित भी है, तो उसे सही समय पर किया जाना चाहिए। भार्गव ने बताया कि उन्होंने मानेसर में उत्पादन शुरू कर दिया है। जल्द ही गुड़गांव में सेकंड लाइन प्रोडक्शन भी शुरू किया जाएगा। वहीं मारुति का राज्य में संक्रमण के चलते गुजरात स्थित प्लांट अभी शुरू नहीं पाया है।
2,300 कारें डिलीवर
वहीं कंपोनेंट की आपूर्ति को लेकर अभी अनिश्चितता है क्योंकि अभी भी कई इलाकों कंटेनमेंट जोन में हैं। वहीं लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद एक तिहाई डीलर्स ने ही अपने शोरूम खोल चुके हैं, इनमें से 60 फीसदी ग्रामीण इलाकों में हैं, उन्होंने उम्मीद जताई कि बाकी बचे दो हजार डीलर जल्द ही अपना कामकाज शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक पांच हजार ऑडर्स में से 2,300 कारों डिलीवर की जा चुकी हैं और 1,900 वर्कशॉप अपना काम शुरू कर चुकी हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते उनके पास ज्यादा कम नहीं है।