पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद वैश्विक बाजारों में अब तक कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है, लेकिन स्थिति तेजी से बदल सकती है। जेफरीज की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाएं लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो भारत जैसे ऊर्जा-आयात पर निर्भर देशों के लिए आर्थिक जोखिम काफी बढ़ सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया से आ रही ऐतिहासिक और गंभीर खबरों के बावजूद बाजार अपेक्षाकृत मजबूत बने हुए हैं। यह इस बात का संकेत है कि निवेशक फिलहाल इन घटनाओं को अस्थायी मानकर चल रहे हैं।
हालांकि, रिपोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि यह स्थिति बेहद नाजुक है। अगर होर्मुज में आवाजाही बाधित होती है या जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो इसके आर्थिक प्रभाव गहरे और लंबे समय तक रहने वाले होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, जितनी लंबी अवधि तक यह मार्ग बंद रहेगा, उतना ही नकारात्मक असर वैश्विक और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा।
जेफरीज ने ऊर्जा और आर्थिक विकास के सीधे संबंध को भी रेखांकित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक विकास मूल रूप से ऊर्जा खपत पर निर्भर करता है, ऐसे में ऊर्जा आपूर्ति में कोई भी व्यवधान सीधे ग्रोथ को प्रभावित करेगा, खासकर भारत जैसे देशों में।