उद्योगपति विजय माल्या ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह सवाल उठाया है कि बैंकों के समूह द्वारा दायर अवमानना के मामले को एक पीठ से दूसरे पीठ को क्यों ट्रांसफर किया गया। माल्या ने कहा कि पुरानी पीठ अब भी मौजूद है, ऐसे में इसे क्यों ट्रांसफर किया गया।
माल्या की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सीएस वैधनाथन ने न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ के समक्ष कहा कि पुरानी पीठ अब भी मौजूद है और उस पीठ के समक्ष कई बार सुनवाई हो चुकी है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे में मामले को नई पीठ के पास भेजने का आखिर क्या कारण है।
गौरतलब है कि बैंकों के समूह द्वारा अवमानना का मामला ही नहीं बल्कि माल्या से 9400 करोड़ रुपये के बकाये से संबंधित मामले की सुनवाई अब तक न्यायमूर्ति कूरियन जोसफ और न्यायमूर्ति रोहिंग्टन फली नरीमन की पीठ कर रही थी।
माल्या के वकील की आपत्ति पर न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस पीठ के पास भेजने का कोई कारण रहा होगा। हालांकि पीठ ने सुनवाई तीन मार्च तक के लिए टालते हुए कहा कि हम पता लगाने की कोशिश करेंगे कि आखिर याचिका को हमारे पास लगाने का क्या कारण है।