महामारी और मंदी से बिगड़े हालात के बीच देश का उत्पादन क्षेत्र मेक इन इंडिया के दम तेजी से उबर रहा है। इसमें नए ऑर्डर और निवेश की अहम भूमिका रही है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, 2021-22 में उत्पादन क्षेत्र 2019-20 के मुकाबले 4.6 गुना और 2020-21 की तुलना में 2.1 गुना बढ़ा है। कोरोना पूर्व स्तर से हुई तुलना में यह तेज वृद्धि दर्शाती है कि मेक इन इंडिया ने हालात को काफी हद तक सुधारा है।
नया निवेश
कहां से/वर्ष 2020 2022
केंद्र सरकार रु. 2,040 रु.2,756
राज्य सरकार रु.3,534 रु.3,240
निजी क्षेत्र रु.4,876 रु.11,103
कुल रु.10,857 रु.19,272
प्रमुख सेक्टर
क्षेत्र/वर्ष 2020 2022
उत्पादन रु.1,445 रु.8,032
खनन रु. 631 रु. 681
बिजली रु.1,187 रु. 1,494
बुनियादी क्षेत्र रु. 7,355 रु.8,883
सिंचाई रु. 239 रु.132
कुल रु.10,867 रु.19,272
(आंकड़े करोड़ में)
रेलवे से माल ढुलाई
हाईवे निर्माण : फरवरी तक 10,457 किमी हुआ, जो केंद्र के 12,000 किमी लक्ष्य से पीछे है। नए बजट में 25,000 किमी निर्माण के नए लक्ष्य ने सीमेंट की मांग बढ़ने की उम्मीद जगाई।